एम्स के एक शांत वार्ड में जिंदगी और मौत के बीच ठहरी एक लंबी प्रतीक्षा चल रही है। हरीश राणा अब शब्दों से परे एक ऐसी अवस्था में हैं, जहां हर निर्णय संवेदनाओं, कानून और चिकित्सा की सीमाओं के बीच संतुलन साध रहा है।
एम्स के एक शांत वार्ड में जिंदगी और मौत के बीच ठहरी एक लंबी प्रतीक्षा चल रही है। हरीश राणा अब शब्दों से परे एक ऐसी अवस्था में हैं, जहां हर निर्णय संवेदनाओं, कानून और चिकित्सा की सीमाओं के बीच संतुलन साध रहा है।
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