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पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाला गैंग:अभी तक सामने आया है कि 450 फोटो वीडियो पाकिस्तान भेजे, 6 अन्य भी हिरासत में

गाजियाबाद पुलिस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले 6 लोगों को कौशांबी थाना क्षेत्र से अरेस्ट किया। यह पिछले 4 दिन से पुलिस रिमांड पर हैं। इनकी निशानदेही पर 6 अन्य लोगों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इस गैंग का देशभर में करीब 50 सोलर कैमरे लगाने का प्‍लान था। दिल्ली-हरियाणा के रेलवे स्टेशनों पर कैमरे लगा भी दिए थे। पुलिस ने दोनों स्थानों के कैमरे रिकवर करते हुए जांच शुरू कर दी है। इन कैमरों को फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा। दिल्ली और साेनीपत में लगाए गए कैमरों का एक्सेस पाकिस्तान में था। यानी इनके सीधी वीडियो पाकिस्तान में देखी जा रहीं थीं। पाकिस्तान से देखी रही थीं सारी गतिविधियां दिल्ली यूपी बार्डर के पास गाजियाबाद के कौशांबी में भोवापुर के कुछ युवक संदिग्ध गतिविधियों में शामिल हैं। ये लोग रेलवे स्टेशन और सुरक्षा बलों के ठिकानों की फोटो और वीडियो बनाकर कुछ लोगों को भेजते थे और इसके बदले उन्हें पैसे मिलते थे। 6 दिन पहले इन सभी को अरेस्ट किया गया। इनमें सुहेल मलिक उर्फ रोमियो निवासी थाना परतापुर मेरठ (मूल निवासी नरगढ़ी, जिला बिजनौर), इरम उर्फ महक निवासी ग्राम ज्ञानपुर, जिला संभल, प्रवीन पुत्र मिंटूराम निवासी भोवापुरम थाना कौशांबी गाजियाबाद, राज वाल्मीकि पुत्र अरविंद निवासी गांव भोवापुर गाजियाबाद, शिवा वाल्मीकि पुत्र रवि कुमार निवासी भोवापुर और रितिक गंगवार निवासी गाजीपुर सब्जी मंडी भोवापुर (मूल निवासी गांव सुल्तानपुर थाना कटरा, जिला शाहजहांपुर) को अरेस्ट कर लिया। अभी तक 12 अरेस्टिंग, हापुड़ में 2 अरेस्ट सबसे पहले पुलिस ने सुहेल को पकड़ा, आरोपी सुहेल के मोबाइल की गैलरी में रेलवे स्टेशनों और सुरक्षा बलों के ठिकानों की कई फोटो और वीडियो मिलीं। इसके अलावा कुछ आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद हुई है। सभी आरोपियों के मोबाइल फोन में विदेशी नंबरों से चैट मिली थी। जिनमें पाकिस्तान के सरदार जोरा का नंबर भी सामने आया। जांच में मलेशिया और यूके के नंबरों के साथ ही सऊदी अरब से जुड़े एक हैंडलर का भी सुराग मिला। अब इन आरोपियों को रिमांड पर लिया गया है। मुबई की महिला भी इस गैंग में शामिल है। हापुड़ में 19 मार्च को दो लोगों को अरेस्ट किया गया। 450 से अधिक फोटो वीडियो पाकिस्तान भेजे गए रिमांड पर सुहेल और अन्य सभी आरोपियों ने बताया कि हम लाइव वीडियो स्ट्रीमिंग पाकिस्तान में बैठे लोगों को भेजते थे। हर कैमरे की इंस्टॉलेशन पर 10 हजार रुपये से लेकर 15 हजार रुपये मिलते थे। दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन पर एक कैमरा इनस्टॉल किया है। 4 से 5 हजार रुपये भी अलग अलग लोगों को मिले। हरियाणा के सोनीपत रेलवे स्टेशन के पास सोलर ऑपरेटेड दूसरा कैमरा लगाया। इसे गाजियाबाद पुलिस ने रिकवर कर लिया है। यूपी पुलिस, यूपी एटीएस और दिल्ली पुलिस व हरियाण पुलिस भी पूछताछ कर चुकी हैं। जांच एजेंसियों की पूछताछ में सामने आया है सुहेल ने एक वाट्सएप ग्रुप बनाया था। इसमें वह लोगों को पाकिस्तान से जुड़े फोटो-वीडियो भेज रहे थे। कई बड़े मंदिरों के फोटो भी भेजने थे एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस गैंग के द्वारा दिल्ली, गाजियाबाद, राजस्थान के कई बड़े मंदिरों के फोटो भी भेजने थे, यहां कैमरे लगाने की तैयारी थी। लेकिन उससे पहले ही यह पकड़े गए। जांच एजेंसी और पुलिस अलग अलग पूछताछ के बाद आरोपियों से व्हाट्सएप नंबर जुटा रही है, जिससे पता चल सके कि इन ग्रुपों में कितने लोग थे। पाकिस्तान के नंबर ग्रुप में सुहेल ने जोड़े। सभी एक दूसरे को व्हाट्सएप कॉल ही करते थे, जिससे पुलिस पकड़ न सके। पुलवामा जा चुके थे आरोपी, लद्दाख जाने वाले थे सुहेल सभी से अलग-अलग जगहों के वीडियो फोटो मांगता था। आरोपी दिल्ली की सराय रोहिल्ला से जोधपुर और जैसलमेर तक रेलवे कनेक्टिविटी पर नजर रख रहे थे। आरोपियों के मोबाइल फोन में वाट्सएप चैट के अलावा दिल्ली कैंटोमेंट बोर्ड क्षेत्र के सुरक्षा प्रतिष्ठानों की वीडियो मिले हैं। ये पाकिस्तान भेजे गए। जांच में पता चला कि पाकिस्तान में बैठे लोग इन आरोपियों में से कुछ को ट्रेनिंग के लिए पुलवामा भेज चुके थे। अब इन सभी को लद्दाख भेजने की तैयारी थी। जहां इन लोगों को कैमरे लगाने थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी इरम उर्फ महक माइंड वॉश कर लोगों को अपने साथ जोड़ रही थी। जांच एजेंसियां आरोपियों को उन स्थानों पर ले जाएंगी, जहां-जहां आरोपियों ने सोलर कैमरे लगाए हैं। वीडियो बनाए हैं। नाहल गांव से 6 आरोपी पकड़े गए थे इससे पहले 12 मार्च को गाजियाबाद के नाहल गांव से पुलिस, एटीएस और आईबी की टीम ने जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े 6 लोगों को दबोचा था। मुख्य आरोपी सावेज उर्फ जिहादी है। वह वॉट्सऐप ग्रुप के जरिए जैश से जुड़ी चीजें वायरल कर रहा था। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद को लीड कर रहा था। पकड़े गए लोगों में एक वकील, एक लॉ का स्टूडेंट और खुद मस्जिद का मौलाना शामिल था। ये सभी जैश-ए-मोहम्मद को लाइक और फॉलो करते हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने वाट्सएप ग्रुप बनाया था। इसमें पश्चिमी यूपी के शहरों के युवक जुड़े हैं। आरोपी युवाओं को देश विरोधी मैसेज भेजते थे। पुलिस ने आरोपियों पर गैर कानूनी गतिविधि अधिनियम (UAPA) के तहत केस दर्ज किया गया था।

Source: Dainik Bhaskar via DNI News (Prayagraj)

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