चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन माता के ब्रह्मचारिणी स्वरूप के दर्शन का विशेष महत्व है। आज सुबह से ही रामघाट स्थित ब्रह्मचारिणी मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। लोगों ने शीश नवाकर मां से सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। मान्यता है कि माता ब्रह्मचारिणी के सहयोग से ही ब्रह्मा जी ने सृष्टि की संरचना की थी। माता के दर्शन-पूजन से भक्तों के सभी पाप व बाधाएं नष्ट हो जाती हैं। पहले देखें तस्वीर… सुबह सुबह मां ब्रह्मचारिणी मां को पंचामृत स्नान करा कर उन्हें वस्त्र, आभूषण और मुकुट धारण कराया गया। फिर गुलाब, गुड़हल, बेला, चमेली और कमल सहित अन्य फूलों से मां ब्रह्माचारिणी का दरबार सजाकर उनकी महाआरती की गई। तब जाकर श्रद्धालुओं के दर्शन-पूजन के लिए मां ब्रह्मचारिणी का दरबार खोला गया। महंत राजेश्वर ने बताया कि यह दुर्गा घाट स्थित ब्रह्मचारिणी मंदिर है उन्होंने कहा कि नवरात्रि के द्वितीय तिथि पर इनका दर्शन प्राचीन काल से होते आ रहा है। उनका दर्शन करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। आज के दिन पूजा करने से मां धन-धान्य से परिपूर्ण करती है।

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