प्रतापगढ़ में शुक्रवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ले ली। आसमान में काले बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ रुक-रुक कर बूंदाबांदी हुई। इस बदलाव से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं किसानों की चिंता बढ़ गई है। मौसम ठंडा होने से तापमान गिरकर करीब 18 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि अधिकतम तापमान 30 डिग्री रहने का अनुमान है। सुबह चली तेज हवाओं और धूल भरी आंधी से सड़कों पर आवागमन भी प्रभावित हुआ।
खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान का खतरा ग्रामीण इलाकों में मौसम का असर अधिक देखने को मिला। हल्की बारिश के चलते मौसम सुहावना तो हो गया, लेकिन खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान का खतरा बढ़ गया है। किसानों के अनुसार, इस समय गेहूं की फसल पककर तैयार है और सरसों की कटाई का समय है। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर गेहूं की फसल झुक गई है, जिससे उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। इसके अलावा सरसों की फलियों को भी नुकसान पहुंच सकता है, जिससे तिलहन उत्पादन पर असर पड़ेगा। किसानों का कहना है कि यदि मौसम इसी तरह बना रहा तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है। कई किसानों ने प्रशासन से फसल नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजे की मांग की है। मौसम विभाग के अनुसार, यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण हुआ है। अगले 24 घंटों तक बादल छाए रहने और तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और किसानों को फसल सुरक्षा के उपाय अपनाने की सलाह दी है।

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