लखनऊ में LDA की 187वीं बोर्ड बैठक शुक्रवार को कमिश्नर की अध्यक्षता में होगी। इसमें 23 अहम एजेंडों पर चर्चा के बाद निर्णय लिए जाएंगे। इस बार की बैठक का सबसे बड़ा फोकस वित्त वर्ष 2026-27 के बजट को मंजूरी देना है, जिसमें शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर-आवासीय विकास को नई रफ्तार देने की तैयारी है। LDA ने करीब 4500 करोड़ रुपए विकास कार्यों पर खर्च करने की योजना बनाई है। यह रकम पिछले वित्त वर्ष की तुलना में काफी अधिक है। LDA की पिछले साल कुल आय लगभग 3500 करोड़ रुपए रही थी। इस बार खर्च बढ़ाकर शहर में नई परियोजनाओं को जमीन पर उतारने और अधूरी योजनाओं को पूरा करने पर जोर रहेगा। इन 4 योजनाओं को लेकर हो सकती है बड़ी घोषणा… 1. सुल्तानपुर रोड स्थित आईटी सिटी योजना और मोहन रोड योजना: इन योजनाओं को लेकर बड़ा फैसला हो सकता है। आईटी सिटी के लिए जमीन की खरीद-फरोख्त और मोहन रोड योजना के तहत प्यारेपुर गांव की भूमि अधिग्रहण के लिए बजट प्रस्ताव रखा गया है। दोनों योजनाओं के लिए मिलाकर करीब 1000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि इन परियोजनाओं से शहर के विस्तार और निवेश के नए अवसर खुलेंगे। 2. गोमती नगर विस्तार में बनेगा सामुदायिक केंद्र: गोमती नगर विस्तार से जुड़े कई अहम प्रस्ताव एजेंडे में शामिल हैं। यहां ग्रुप हाउसिंग के तहत बने सरस्वती अपार्टमेंट के पास उपलब्ध अतिरिक्त भूमि को सामुदायिक केंद्र में बदलने की योजना है। इसके अलावा सेक्टर-6 में कुछ भूखंडों के सामने प्रस्तावित 45 मीटर चौड़ी सड़क को घटाकर 9 मीटर करने का प्रस्ताव है। बची हुई जमीन को व्यावसायिक और आवासीय उपयोग के लिए विकसित किया जाएगा। इस बदलाव से प्राधिकरण को अतिरिक्त राजस्व मिलने की उम्मीद है। 3. सीजी सिटी योजना और रिफाह-ए-आम योजना: लेआउट (तलपट मानचित्र) में संशोधन और पुनर्नियोजन पर भी विचार होगा। वहीं अंसल प्रॉपर्टीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर की हाईटेक टाउनशिप में एफएसआई के तहत बेचे गए भूखंडों के मानचित्रों को मंजूरी देने का प्रस्ताव भी रखा गया है। इसके अलावा ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम (ओबीपास) में मानचित्र स्वीकृति शुल्क को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए संशोधित किया जाएगा। यह संशोधन आयकर विभाग के लागत सूचकांक के आधार पर किया जाएगा, जिससे शुल्क में बढ़ोतरी की संभावना है। 4. कानपुर रोड योजना विस्तार योजना: यह शारदा नगर से जुड़ा है। यहां 252.29 एकड़ भूमि के विकास के लिए यूनिटेक लिमिटेड के निरस्त लाइसेंस अनुबंध को बहाल करने पर विचार किया जाएगा। इसके साथ ही गोमती नगर योजना में पारिजात और पंचशील अपार्टमेंट के फ्लैटों के दाम को एक साल के लिए फ्रीज करने का प्रस्ताव भी रखा गया है, जिससे खरीदारों को राहत मिल सकती है। महंगा होगा मकान बनाना एलडीए मानचित्र पास करने के बदले लिए जाने वाले शुल्क में वृद्धि करने जा रहा है। इस कारण अप्रैल से मकानों के नक्शे पास कराना महंगा हो जाएगा। इसके साथ ही गोमतीनगर स्थित पारिजात और पंचशील अपार्टमेंट की कीमतों को एक वर्ष और यथावत रखने का प्रस्ताव भी लाया जाएगा। एलडीए से आवंटित इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की संपत्ति पर निर्माण के लिए नई भवन निर्माण उपविधि 2025 के नियम लागू करने का भी प्रस्ताव आएगा। नई नियमावली के तहत जमीन की कीमत तय करने का प्रस्ताव भी लाया जाएगा। इसमें कीमत पांच से दस प्रतिशत तक कम हो जाएगी, क्योंकि प्लॉटों पर कार्नर, चौड़ी रोड और पार्क के सामने होने पर लिया जाने वाला अतिरिक्त शुल्क कम किया जाएगा। योजना विकसित करने पर आने वाले खर्च को भी घटाया जाएगा, जिससे जमीन की कीमत कम होगी। ग्रीन कॉरिडोर, आईटी सिटी को भी मिलेगा बजट एक अप्रैल से शुरू होने वाले नए वित्तीय वर्ष 2026-27 में एलडीए योजनाओं के रखरखाव पर कितना पैसा खर्च करेगा, कितना पैसा नई योजनाओं को लाने और अवस्थापना सुविधाओं के विकास पर खर्च करेगा, इसे भी बजट में मंजूरी दी जाएगी। बीते वर्ष से इसमें करीब 20 प्रतिशत की वृद्धि होगी। ग्रीन कॉरिडोर, आईटी सिटी, नैमिषनगर, वरुण विहार और वेलनेस सिटी योजना के लिए भी बजट का प्रावधान होगा।

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