अम्बेडकरनगर में टांडा-कलवारी पुल की मरम्मत में हो रही देरी को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। उप जिला मजिस्ट्रेट (एसडीएम) ने निर्माण कंपनी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यह कार्रवाई बढ़ती जनसमस्याओं को देखते हुए की गई है। यह पुल 11 सितंबर 2025 से आवागमन के लिए बंद है। इससे पूर्वांचल के दो प्रमुख जिलों के बीच संपर्क टूट गया है और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मरम्मत कार्य तीन महीने में पूरा करने का वादा किया गया था।
एसडीएम ने कंपनी को साक्ष्य प्रस्तुत करने के निर्देश दिए एसडीएम डॉ. शशि शेखर ने मेसर्स ब्रेबियर इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के परियोजना निदेशक को नोटिस जारी कर मरम्मत कार्य में देरी के कारण साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने भी कार्यदायी संस्था के साथ बैठक कर काम में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। निर्माण कंपनी ने दिया मार्च अंत तक पूरा करने का आश्वासन परियोजना निदेशक अरुण यादव ने उपजिलाधिकारी न्यायालय में उपस्थित होकर बताया कि तकनीकी कमियों को दूर किया जा रहा है और मरम्मत कार्य जारी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पुल का मरम्मत कार्य मार्च के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा। हालांकि, धरातल पर सुधार न दिखने से जनप्रतिनिधियों और जनता में नाराजगी है। प्रशासन की निगरानी जारी प्रशासन लगातार कार्य की प्रगति की निगरानी कर रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मरम्मत कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा हो सके और पुल को जल्द से जल्द आवागमन के लिए खोला जा सके।

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