इंटर स्टेट गैंग आईएस-227 का सगरना माफिया अतीक अहमद एक बार फिर सुर्खियो में है। इस बार अतीक अहमद का नाम बालीवुड में गूंज रहा है। फिल्म धुरंधर की ऐतिहासिक सफलता के बाद अब धुरंधर – द रिवेंज रिलीज हो चुकी है। फिल्म सोशल मीडिया पर छाई है। लेकिन इस बार इसके सुर्खियों में आने का दूसरा पहलू माफिया अतीक अहमद भी है। धुरंधर के दूसरे पार्ट में बाहुबली नेता अतीक अहमद से हुबहू मिलने वाली शक्ल के किरदार को अहम रोल में दर्शाया गया है। हालांकि फिल्म में जिस किरदार को माफिया अतीक सरीखा दिखाया गया है उसका नाम आतिफ रखा गया है ताकि पात्र काल्पनिक जैसा नजर आए।
अतीक यानि आतिफ से जुड़े कई सीन्स सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। आतिफ अहमद के किरदार को फैंस अतीक अहमद ही बता रहे हैं। किरदार का लुक और फिल्माई गई कहानी दोनों ही अतीक अहमद की जिंदगी से मिलते जुलते हैं। पाकिस्तान से जुड़े तार
फिल्म में माफिया अतीक अहमद के तार पाकिस्तान से जुड़े दिखाए गए हैं। उमेश पाल हत्याकांड के बाद पाकिस्तान कनेक्शन की बात जांच अधिकारियों ने कही थी। फिल्म में माफिया अतीक और उसके भाई अशरफ की हत्या की कहानी भी उसी रूप में दर्शायी गई है। बेटे के जनाजे में अतीक अहमद का न जा पाना, मेडिकल के लिए ले जाने के दौरान का घटनाक्रम आदि अतीक हत्याकांड की याद दिला देता है। फिल्म में आतिफ अहमद यानि अतीक और मेजर इकबाल (अर्जुन रामपाल) के बीच गहरे रिश्ते दिखाए गए हैं, जो नकली नोट और हथियार सप्लाई करता है। आतिफ नोटबंदी की घोषणा पर मेजर इकबाल से बात करता है। जानिए धुरंधर के दूसरे पार्ट में क्या खास
धुरंधर 2 फिल्म में अतीक अहमद का रोल सीधे तौर पर नहीं, बल्कि फिक्शनलाइज्ड रूप में दिखाया गया है। फिल्म में उनका किरदार आतिफ अहमद नाम से है जो रियल लाइफ गैंगस्टर-नेता अतीक अहमद से स्पष्ट रूप से प्रेरित है। इस किरदार को सलिम सिद्दीकी ने प्ले किया है। कई रिपोर्ट्स और रिव्यूज में कहा गया है कि आतिफ अहमद का लुक, कद-काठी, मूंछ और स्टाइल अतीक अहमद से हू-ब-हू मिलता है, जिससे दर्शकों को तुरंत याद आ जाता है। आतिफ अहमद को ISI (पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी) और लश्कर-ए-तैयबा से कनेक्शन वाला दिखाया गया है। फिल्म के अनुसार, वो फेक करेंसी (नकली नोट) के बड़े नेटवर्क में शामिल था, जो नोटबंदी (2016) से जुड़ा है और पाकिस्तान से भारत में सप्लाई होता था। जेल में रहते हुए भी वो अपना पूरा अपराधी नेटवर्क चलाता था – एक फेमस डायलॉग है: “जब तक अतीक अहमद है, जेल में या बाहर… वो सब संभाल लेगा।” फिल्म में दावा किया गया है कि अतीक अहमद पाकिस्तान समर्थित सरकार उत्तर प्रदेश में बनाने की साजिश में शामिल था। ये किरदार अंडरवर्ल्ड, पॉलिटिक्स और टेरर फंडिंग के बड़े हिस्से के रूप में दिखता है, और फिल्म के कई ट्विस्ट्स में इसका रोल महत्वपूर्ण है। फिल्म रिप्ड फ्रॉम द हेडलाइंस स्टाइल की है, जहां रियल इवेंट्स (जैसे नोटबंदी, अतीक अहमद का एनकाउंटर) को फिक्शन के साथ मिक्स किया गया है। अतीक अहमद को आतिफ अहमद नाम देकर दिखाया गया है ताकि लीगल इश्यूज से बचा जा सके, लेकिन ये बहुत ओब्वियस इंस्पायर्ड किरदार है।

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