यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन दूसरे दिन और तेज गति से जारी रहा। प्रदेशभर में अब तक 77,222 परीक्षकों ने 21,43,322 कॉपियों का मूल्यांकन कर लिया है। बोर्ड ने 1 अप्रैल तक मूल्यांकन कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा है, जिससे समय पर परिणाम जारी होने की उम्मीद है। राज्य के 250 मूल्यांकन केंद्रों पर लगभग 50 लाख छात्रों की करीब पौने तीन करोड़ उत्तर पुस्तिकाओं की जांच की जा रही है। पहले दिन 80 प्रतिशत उपस्थिति के साथ शुरू हुआ मूल्यांकन कार्य दूसरे दिन और रफ्तार पकड़ चुका है।
प्रयागराज मंडल में कुल 21 केंद्रों पर मूल्यांकन कार्य चल रहा है। इनमें प्रयागराज जिले में 10, फतेहपुर और प्रतापगढ़ में 5-5 तथा कौशांबी में 1 केंद्र शामिल है। अकेले प्रयागराज जिले में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की 12 लाख से अधिक कॉपियों का मूल्यांकन 6 हजार से ज्यादा परीक्षक कर रहे हैं। मूल्यांकन की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में कार्य हो रहा है। मोबाइल फोन पूरी तरह प्रतिबंधित हैं और केवल अधिकृत कर्मियों को ही प्रवेश की अनुमति है। सुरक्षा के लिए 24 घंटे सशस्त्र पुलिस बल तैनात है, जबकि प्रत्येक केंद्र पर स्टैटिक मजिस्ट्रेट की निगरानी भी सुनिश्चित की गई है। प्रयागराज के संयुक्त शिक्षा निदेशक (जेडी) आरएन विश्वकर्मा और जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) पीएन सिंह ने दूसरे दिन भी कई केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए परीक्षकों को समयबद्ध और सावधानीपूर्वक मूल्यांकन के निर्देश दिए। यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि प्रयागराज सहित पांच जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत ऑनलाइन अंक अपलोड करने की व्यवस्था लागू की गई है। इससे परिणाम प्रक्रिया में तेजी आएगी। उन्होंने दोहराया कि बोर्ड निष्पक्ष और पारदर्शी मूल्यांकन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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