कुशीनगर में नाबालिग से दुष्कर्म के बहुचर्चित मामले में विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) ने आरोपी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 1 लाख 30 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह फैसला 19 मार्च 2026 को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट/अपर सत्र न्यायाधीश द्वारा सुनाया गया। अभियोजन के अनुसार, मामला वर्ष 2021 का है, जिसमें आरोपी ने नाबालिग लड़की को शादी का झांसा देकर बहला-फुसलाकर भगा लिया था और उसके साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान पीड़िता गर्भवती भी हो गई थी। मामले की रिपोर्ट नेबुआ नौरंगिया थाने में दर्ज कराई गई थी। जांच के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 11 गवाह पेश किए, जिनकी गवाही और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि दुष्कर्म जैसे अपराध समाज के लिए अत्यंत घृणित हैं और ऐसे मामलों में कठोर सजा देना जरूरी है, ताकि समाज में कानून का स्पष्ट संदेश जाए। न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया कि लगाए गए जुर्माने की 80 प्रतिशत राशि पीड़िता को मुआवजे के रूप में दी जाए। इस मामले में विशेष लोक अभियोजक और अभियोजन टीम की प्रभावी पैरवी के चलते आरोपी को सजा दिलाई जा सकी, जिसे न्याय व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

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