कानपुर में टाटमिल चौराहे के पास स्थित रॉयल गार्डन लॉन को लेकर कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। एडीजे-7 आजाद सिंह ने लॉन को दो महीने के भीतर खाली कराने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने लॉन का कब्जा भवन स्वामी संजीव केडिया को सौंपने के लिए संचालक पंकज तिवारी को आदेशित किया है। इसके साथ ही कोर्ट ने तीन साल का बकाया किराया 6,930 रुपए और दो साल का हर्जाना 50 हजार रुपए प्रतिमाह की दर से देने के निर्देश दिए हैं। यदि दो महीने के भीतर हर्जाना राशि जमा नहीं की जाती है, तो उस पर 6 प्रतिशत ब्याज भी देना होगा। अब जानिए पूरा मामला…. छावनी के टैगोर नगर के रहने वाले संजीव केडिया और उनकी मां पुष्पा केडिया ने रॉयल गार्डन लॉन का संचालन कर रहे रेलबाजार के हैरिसगंज की रहने वाली आशा तिवारी और उनके बेटे पंकज तिवारी के खिलाफ संपत्ति अंतरण अधिनियम के तहत कोर्ट में वाद दाखिल किया था। इसमें कहा था कि संजीव के पिता मन्त्रीलाल केडिया ने हैरिसगंज स्थित बंगला नंबर 116 सर्वे नंबर 668/340 में दो कमरे और खुली जगह शीतल प्रसाद तिवारी को 192.50 रुपए प्रतिमाह किराये पर दी थी। नोटिस देने पर भी जगह खाली नहीं की शीतल की मौत के बाद उनकी पत्नी आशा व पुत्र पंकज किरायेदार बने। किरायेदारी वाली जगह पर यह लोग रॉयल गार्डन नाम से पार्टी लॉन चलाने लगे और आवासीय संपत्ति का व्यावसायिक इस्तेमाल कर लाखों रुपये कमाने लगे। किराया भी देना बंद कर दिया। नोटिस देने पर भी जगह खाली नहीं की। वहीं पंकज का कहना है कि जगह संजीव केडिया की नहीं केंद्र सरकार की है। छावनी परिषद की सहमति से शीतल प्रसाद तिवारी किरायेदार बने थे और पिता की मौत के बाद वह किरायेदार हो गए। उन्होंने कोर्ट में किराया भी जमा किया है। दोनों पश्नों को सुनने के बाद कोर्ट ने पाया कि आशा और पंकज को दो माह में जगह खाली कर कब्जा संजीव को सौंपने के निर्देश दे दिए।

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