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भाजपा सांसद सीमा द्विवेदी समेत 12 पर केस वापस:सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट के आदेश व राज्यपाल की अनुमति से मुकदमा खत्म
भाजपा राज्यसभा सदस्य सीमा द्विवेदी समेत 12 आरोपियों के खिलाफ पंवारा थाने में दर्ज आचार संहिता उल्लंघन का मुकदमा वापस ले लिया गया है। सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेशों तथा राज्यपाल की अनुमति के बाद यह कार्रवाई की गई। अभियोजन अधिकारी के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए एसीजेएम द्वितीय अनुज कुमार जौहर ने सभी आरोपियों को आरोपमुक्त कर दिया। न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि जनहित, न्यायहित और उत्तर प्रदेश शासन के पत्रों के आलोक में मुकदमा वापस लेने का प्रार्थना पत्र स्वीकार करने योग्य है। यह मुकदमा हेड कांस्टेबल दीपचंद राम ने 7 मार्च 2017 को पंवारा थाने में दर्ज कराया था। तहरीर में बताया गया था कि भाजपा प्रत्याशी सीमा द्विवेदी को जिताने के संबंध में कुछ लोग चार वाहनों से प्रचार कर रहे थे। पुलिस भगौती चौराहा पहुंची, जहां चार वाहन प्रचार करते पाए गए। मौके पर मौजूद 11 लोगों से पूछताछ की गई, जिन्होंने सीमा द्विवेदी के लिए प्रचार करने की बात स्वीकार की। इसके बाद सभी को हिरासत में लिया गया। पुलिस विवेचना में सीमा द्विवेदी और 11 अन्य व्यक्तियों के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन की धाराओं में आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया गया था। हालांकि, चार गवाहों के परीक्षण और जिरह में यह बात सामने आई कि सीमा द्विवेदी मौके पर मौजूद नहीं थीं। साथ ही, जिन लोगों को मौके पर बताया गया था, उनके पास से कोई चुनाव प्रचार सामग्री जैसे पोस्टर, बैनर, माइक या झंडे बरामद नहीं हुए थे। घटना की फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी भी नहीं कराई गई थी। इस बीच, सुप्रीम कोर्ट के 10 अगस्त 2021 के आदेश के अनुपालन में हाईकोर्ट में पंजीकृत सुओ मोटो रिट में 22 जनवरी 2026 को पारित आदेश के तहत इलाहाबाद हाईकोर्ट से मुकदमा वापस लेने की अनुमति प्राप्त हुई। इस आदेश के क्रम में राज्यपाल ने अभियोजन वापस लेने के संबंध में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करने की अनुमति दी। इसके बाद, दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 321 के तहत कोर्ट में मुकदमा वापस लेने का प्रार्थना पत्र दिया गया। कोर्ट ने इस प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए सभी आरोपियों को आचार संहिता उल्लंघन के आरोप से मुक्त कर दिया।
Source: Dainik Bhaskar via DNI News

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