महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि ने अयोध्या-मथुरा-संभल की महिमा बताई:राम कथा में बोले- आज संभल भयमुक्त है, संभल में रहेगा तो राम-राम कहेगा
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महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि ने अयोध्या-मथुरा-संभल की महिमा बताई:राम कथा में बोले- आज संभल भयमुक्त है, संभल में रहेगा तो राम-राम कहेगा
संभल में आयोजित श्री राम कथा के तीसरे दिन निरंजनी अखाड़ा के महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि ने मर्यादा और भक्ति का संदेश दिया। उन्होंने अयोध्या, मथुरा और संभल की महिमा का वर्णन किया, साथ ही यज्ञ, गुरु, परंपरा तथा मन की शांति पर विशेष प्रवचन दिए। यह आयोजन सोमवार को जनपद संभल के जिला कलेक्ट्रेट कस्बा क्षेत्र के बड़ा मैदान में हुआ। महामंडलेश्वर ने अपने प्रवचनों में भगवान राम, भगवान कृष्ण और भगवान शिव की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भगवान राम ने अयोध्या को, भगवान कृष्ण ने मथुरा को और भगवान शिव ने संभल को चुना, जहां भविष्य में भगवान कल्कि का अवतार होगा। महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि ने कहा कि वे कामना करते हैं कि उत्तर प्रदेश सहित भारत के उन सभी राज्यों में, जहाँ सनातनी परंपराओं और भारतीय संस्कृति के संरक्षकों की सरकारें हैं, वहाँ के हर अधिकारी को वर्ष में कम से कम एक कथा आयोजित करने का निर्देश मिलना चाहिए। उन्होंने बताया कि उनके शिष्य डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने इस पहल की शुरुआत की है, और यह संदेश पूरे देश ही नहीं, बल्कि दुनिया में भी फैल गया है। संभल पर बोलते हुए महामंडलेश्वर ने कहा, ‘आज संभल भयमुक्त है। अब किसी को सुबह 5 बजे उठने या 6 बजे यहाँ से जाने की ज़रूरत नहीं है। अब आप रात को अकेले 1 बजे भी यहाँ से निकल सकते हैं। यदि कोई कुछ कहे तो जिलाधिकारी को बता देना। अब या तो वह संभल में रहेगा तो राम-राम कहेगा, और यदि संभल में नहीं रहेगा तो वह अपनी मर्ज़ी से नाम का जप करेगा।’ उन्होंने राम राज्य की परिकल्पना को भी स्पष्ट किया। उनके अनुसार, राम राज्य वह है जहाँ हर राज्य, देश और घर में राम की चर्चा हो। प्रत्येक व्यक्ति के मानस पटल पर राम का नाम हो, मुख में राम नाम हो, कानों में राम नाम की गूँज पड़े, हाथों में राम नाम की माला हो और जुबान पर ‘जय सियाराम’ हो। उन्होंने सभी से अपने तन, मन और वाणी को पवित्र करने का आह्वान किया।
Source: Dainik Bhaskar via DNI News
