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बच्चे किडनैप कर ले जा रहे थे, हादसे में मौत:बरेली में खड़े टैंकर में घुसी बोलेरो; पुलिस ने गाड़ी काटकर बच्चों को बचाया


                 बच्चे किडनैप कर ले जा रहे थे, हादसे में मौत:बरेली में खड़े टैंकर में घुसी बोलेरो; पुलिस ने गाड़ी काटकर बच्चों को बचाया

बच्चे किडनैप कर ले जा रहे थे, हादसे में मौत:बरेली में खड़े टैंकर में घुसी बोलेरो; पुलिस ने गाड़ी काटकर बच्चों को बचाया

बरेली में रविवार शाम सड़क हादसे में जिन 5 लोगों की मौत हुई, उनमें 3 किडनैपर थे। बच्चों को अगवा कर ले जा रहे थे, तभी उनकी तेज रफ्तार बोलेरो खड़े टैंकर में टकरा गई। हादसे में आधी गाड़ी खत्म हो गई। पुलिस ने दरवाजा काटकर बच्चों को बचाया। अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। हादसे में 2 बाइक सवारों की भी मौत हुई है। बोलेरो बरेली के सीबीगंज के फरीदपुर के रहने वाले मनमोहन सिंह की थी। 15 दिन पहले ही उसने गाड़ी खरीदी थी। 26 अप्रैल को उसकी शादी थी। बोलेरो में 4 किडनैपर और 2 बच्चे थे। हादसे में मनमोहन समेत 3 की मौत हो गई। चौथा युवक प्रिंस घायल है, जिसका इलाज चल रहा है। दोनों बच्चों को हल्की चोट आई, उन्हें एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। हादसे के समय किडनैपर बच्चों को बरेली से गुरुग्राम लेकर जा रहे थे। बरेली पुलिस ने हादसे के बाद बच्चों से पूछताछ के आधार पर मामले का खुलासा किया। अब बरेली और गुरुग्राम पुलिस की संयुक्त टीम मामले की जांच कर रही है। हादसे की 4 तस्वीरें देखिए… अब पढ़िए पूरा मामला… बरेली में रविवार दोपहर करीब 3 बजे सीबीगंज थाना क्षेत्र में हाईवे किनारे खड़े टैंकर से बोलेरो टकरा गई। पीछे से आ रहे बाइक सवार दो युवक भी बोलेरो में घुस गए। हादसे में बाइक सवारों समेत 5 लोगों की मौत हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि आधी बोलेरो खत्म हो गई। उसकी छत उखड़ गई। हादसे में 3 बोलेरो और 2 बाइक सवारों की मौत हुई थी। गाड़ी को काटकर शवों को निकाला गया था। बोलेरो रामपुर की तरफ जा रही थी, जबकि बाइक सवार युवक मछली पकड़ने जा रहे थे। हादसे में जान गंवाने वाले मनमोहन सिंह के पिता नत्थू लाल ने बताया कि बेटे ने 15 दिन पहले ही बोलेरो खरीदी थी और उसी गाड़ी में उसकी मौत हो गई। मनमोहन की 26 अप्रैल को शादी तय थी।
बोलेरो और बाइक सवार की पहचान बोलेरो में ड्राइवर समेत 6 लोग सवार थे। इनमें बरेली के टांडा-सिकंदरपुर निवासी मनमोहन सिंह, पीलीभीत निवासी उसका रिश्तेदार सिकंदर और दो अन्य शामिल थे। बोलेरो को ड्राइवर प्रिंस चला रहा था। हादसे में मनमोहन और सिकंदर की मौत हो गई। तीसरे युवक की पहचान नहीं हो सकी थी। ड्राइवर और दो बच्चे हादसे में घायल हैं। बाइक सवारों की पहचान बरेली के अटा कायस्थान निवासी साहबजाद खां (45) और उसी मोहल्ले के मुमताज खां के रूप में हुई। पुलिस की जांच में अपहरण का खुलासा… गांव के ही ऑटो ड्राइवर के बेटों को अगवा किया
हादसे के बाद पुलिस बोलेरो सवार मृतकों की पहचान में जुटी थी। जांच में सामने आया कि बोलेरो में 4 बदमाश सवार थे, जो 2 बच्चों को किडनैपर करके ले जा रहे थे। हरियाणा के गुरुग्राम से दोनों बच्चों को किडनैप किया गया था। यह अपहरण फिरौती के लिए की गई थी। पुलिस की जांच में सामने आया है कि हादसे में जान गंवाने वाला मनमोहन ही अपहरण की इस वारदात का मास्टरमाइंड था। वह बरेली के फरीदपुर के टांडा सिकंदरपुर का रहने वाला था। मनमोहन ने गुरुग्राम में रहकर ऑटो चलाने वाले अपने ही गांव के रहने वाले मनोज को निशाना बनाया। तफ्तीश में जुटी थी गुरुग्राम पुलिस, बरेली हादसे से तस्वीर साफ
पुलिस के अनुसार, मनोज से मोटी रकम वसूलने के नियत से बदमाशों ने शनिवार को हनुमान मंदिर के पास से उसे और उसके दो बेटों, मयूर (6) और लक्ष्य (3) को अगवा कर लिया था। मनोज की पत्नी पूजा ने बताया कि अपहरण के बाद बदमाशों ने फोन पर धमकी दी थी कि अगर पुलिस को बताया तो सबको मार देंगे। बदमाशों ने मनोज को रोते हुए और बच्चों से भी बात करवाई थी। गुरुग्राम की डीएलएफ फेस-1 पुलिस मामले की तफ्तीश कर ही रही थी कि रविवार शाम बरेली के सीबीगंज में हुए हादसे ने पूरी तस्वीर साफ कर दी। हादसे के बाद जब बरेली पुलिस राहत कार्य के लिए पहुंची, तो गाड़ी के अंदर दो बच्चे बेहोशी की हालत में मिले। बच्चों से उनके परिजनों का नंबर लिया और जब मां से फोन पर बात की तब पुलिस को किडनैपिंग का पता चला। एसपी सिटी मानुष पारीक ने तुरंत बच्चों के फोटो गुरुग्राम पुलिस को भेजे, जिसके बाद उनकी पहचान मयूर और लक्ष्य के रूप में हुई। बदमाश शनिवार की रात ही मनोज और उसके दोनों बच्चों का अपहरण कर अपने गांव ले आए थे। वहां मनोज को रोक लिया और बच्चों को छोड़ने गुरुग्राम जा रहे थे। इसी बीच हादसा हो गया। पुलिस ने मनोज को भी मनमोहन के घर से बरामद कर लिया है। जिन बच्चों का अपहरण हुआ, उनके परिवार को जानिए… गुरुग्राम की डीएलएफ फेस-1 में रहकर ऑटो चलाने वाले मनोज के परिवार में पत्नी पूजा और दो बच्चे 6 साल का मयुर और 3 साल का लक्ष्य है। पत्नी पूजा घरों में खाना बनाने का काम करती है। इस वजह से दोनों बच्चों को मनोज अपने साथ रखता है। शनिवार को वो कुछ सवारियों को गुरुग्राम के हनुमान मंदिर छोड़ने गया था। वहीं से उसका और दोनों बच्चों का अपहरण कर लिया गया। मनोज मूल रूप से बरेली के फरीदपुर के टांडा सिकंदरपुर रहने वाला है। इसी गांव का मनमोहन भी है। मनोज की पत्नी पूजा ने बताया- हम लोग 8 सालों से गुड़गांव में किराए के घर में रह रहे हैं। जबकि 8 महीने पहले ही हमारे गांव का मनमोहन भी गुड़गांव आकर रहने लगा। एक ही गांव के होने की वजह से मेरे पति की जान पहचान मनमोहन से थी। मनमोहन ने अपने 3 अन्य साथियों रामपुर का विशेष यादव, प्रिंस और पीलीभीत के सिकंदर के साथ मिलकर पति और उसके दोनों मासूम बच्चों का बोलेरो से अपहरण कर लिया। शनिवार शाम अपहरण करके ये लोग फरीदपुर पहुंचे। इसके बाद रविवार को ये चारों बदमाश दोनों बच्चों को लेकर गुरुग्राम के लिए रवाना हो गए। गुरुग्राम से बरेली आई थी बच्चों की मां
सड़क हादसे में तीन अपहरणकर्ताओं मनमोहन, सिकन्दर और विशेष की मौत हो गई, जबकि चौथा अपहरणकर्ता प्रिंस घायल है। प्रिंस ने पुलिस को बताया- हम लोग बच्चों और उसके पिता को गुड़गांव से किडनैप करके लाए थे। बच्चों के पिता को फरीदपुर में रखा है। इसके बाद पुलिस ने फरीदपुर से मनोज को सकुशल बरामद कर लिया है। एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि बच्चा की मां सोमवार सुबह अस्पताल पहुंची थी। उनके साथ गुड़गांव पुलिस भी आई थी। ———————————— ये खबर भी पढ़िए… AK-47 को खिलौना बताने वाला इंस्पेक्टर सस्पेंड:हैंडग्रेनेड को परफ्यूम बोतल बताई; बिजनौर में संदिग्ध आतंकी को दी थी क्लीनचिट
दुबई में रहने वाले यूपी के संदिग्ध आतंकी आकिब खान के AK-47 को खिलौना बताने के मामले में बिजनौर के इंस्पेक्टर सत्येंद्र सिंह मलिक को सस्पेंड कर दिया गया है। सीओ नितेश प्रताप सिंह को भी हटाकर पुलिस लाइन अटैच कर दिया गया है। दरअसल, बिजनौर के मैजुल का छह महीने पहले एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें वह मेरठ के आकिब के साथ नजर आया था। मामले की जांच बिजनौर के तत्कालीन थानाध्यक्ष सत्येंद्र सिंह मलिक को सौंपी गई थी। जांच के दौरान उन्होंने आकिब और मैजुल से बातचीत की। पूरी खबर पढ़िए…


Source: Dainik Bhaskar via DNI News

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