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लखनऊ चौक पर मराठी समाज ने मनाया गुड़ी पड़वा:संस्थापक-अध्यक्ष के नेतृत्व में हुआ पारंपरिक उत्सव
लखनऊ के चौक चौराहे पर मराठी समाज उत्तर प्रदेश ने गुड़ी पड़वा का पर्व पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाया। संस्थापक-अध्यक्ष उमेश पाटील ने इस कार्यक्रम का नेतृत्व किया। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को मनाया जाने वाला यह पर्व नई फसल, समृद्धि और विजय का प्रतीक माना जाता है। इस अवसर पर मराठी परंपरा के अनुसार घरों और आयोजन स्थल पर गुड़ी स्थापित की गई। लगभग 10 से 12 फीट ऊंची दंडी पर नई साड़ी, उल्टा रखा तांबे का लोटा, फूलों की माला, बतासे और नीम की पत्तियां सजाई गईं। नारियल फोड़कर पूजा-अर्चना की गई और गुड़ी को विजय पताका के रूप में स्थापित किया गया। यह माना जाता है कि गुड़ी की स्थापना से नकारात्मकता दूर होती है और घर में सुख-शांति तथा सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। भगवान राम की रावण पर विजय का प्रतीक कार्यक्रम के दौरान भगवा ध्वज भी फहराया गया, जिसे भगवान राम की रावण पर विजय का प्रतीक माना जाता है। इस अवसर पर पारंपरिक व्यंजनों की भी विशेष तैयारी की गई। नीम की पत्तियों के साथ गुड़ और चीनी का सेवन स्वास्थ्य का संदेश देता है, जबकि श्रीखंड और पुरण पोली जैसे पकवानों ने उत्सव की मिठास बढ़ाई। गुड़ी पाडवा नए साल के स्वागत, नई उम्मीदों और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक पर्व है। इस कार्यक्रम में गजानन माने पाटील, भानुदास पाटील, सचिन माली, संतोष पाटील, विकास पाटील, सागर जाधव, विश्वास पाटील, विष्णू चव्हाण और वैभव सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
Sourse: Dainik Bhaskar via DNI News

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