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चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी में स्मार्ट हेल्थकेयर सेंटर का शुभारंभ:मंत्री असीम अरुण बोले एआई से स्वास्थ्य सेवाएं होंगी मजबूत, 1.5 लाख युवाओं को मिलेगी ट्रेनिंग
उन्नाव में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, उत्तर प्रदेश (सीयू यूपी) ने ‘स्मार्ट हेल्थकेयर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ का औपचारिक शुभारंभ किया है। यह पहल उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को तकनीक के माध्यम से सशक्त बनाने और राज्य सरकार के ‘स्मार्ट हेल्थकेयर’ विजन को गति देने के उद्देश्य से की गई है। सीयू यूपी देश की पहली एआई-आधारित निजी यूनिवर्सिटी है। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं पूर्व आईपीएस असीम अरुण वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। उन्होंने यूनिवर्सिटी द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर एक एआई एथिक्स ट्रेनिंग प्रोग्राम भी लॉन्च किया गया, जिसके तहत अगले पांच वर्षों में प्रदेश के 1.5 लाख युवाओं को जिम्मेदार एआई उपयोग की ट्रेनिंग दी जाएगी। स्मार्ट हेल्थकेयर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस मेडिकल इमेजिंग, एक्स-रे, एमआरआई और सीटी स्कैन आधारित डायग्नोस्टिक्स, प्रिडिक्टिव एनालिटिक्स तथा हेल्थ डेटा प्राइवेसी जैसे उभरते क्षेत्रों में रिसर्च और इनोवेशन पर केंद्रित होगा। इस सेंटर का नेतृत्व सीयू यूपी के प्रो वाइस चांसलर एवं एआई विशेषज्ञ प्रो. डॉ. थिपेंद्र पी. सिंह करेंगे। यह अत्याधुनिक एआई इंफ्रास्ट्रक्चर से लैस होगा और एनवीडिया की ब्लैकवेल आर्किटेक्चर आधारित हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग सिस्टम से संचालित होगा। शुभारंभ के दौरान ‘एआई इन गवर्नेंस: पॉलिसी, प्रैक्टिस एंड पीपल-सेंट्रिक ट्रांसफॉर्मेशन’ विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का भी आयोजन किया गया। इसमें शासन व्यवस्था और सार्वजनिक सेवाओं में एआई की बढ़ती भूमिका पर चर्चा हुई। यूनिवर्सिटी भविष्य में सरकारी अधिकारियों के लिए एआई और डिजिटल गवर्नेंस से जुड़े प्रशिक्षण एवं सर्टिफिकेशन कार्यक्रम भी शुरू करेगी। प्रो. डॉ. टी.पी. सिंह ने बताया कि एआई तकनीक हेल्थकेयर और गवर्नेंस दोनों क्षेत्रों में बड़ा बदलाव ला रही है। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से छात्रों, शोधकर्ताओं और उद्योग विशेषज्ञों को एक साझा मंच मिलेगा, जहां वे वास्तविक स्वास्थ्य समस्याओं के तकनीकी समाधान विकसित कर सकेंगे। अगले दो वर्षों में पांच एआई स्टार्टअप्स को भी सहयोग देने की योजना है। टीसीएस के हेड डॉ. अमिताभ तिवारी ने कहा कि मजबूत शैक्षणिक संस्थान नवाचार और उद्योग विकास की आधारशिला होते हैं, और सीयू यूपी भविष्य में एआई तथा इनोवेशन का प्रमुख ग्रोथ हब बन सकता है। वहीं जिम्स ग्रेटर नोएडा के डॉ. राहुल के सिंह ने हेल्थकेयर में सुरक्षित और क्लिनिकली वैलिडेटेड एआई सॉल्यूशन्स की आवश्यकता पर जोर दिया।
यूनिवर्सिटी का उद्देश्य स्मार्ट सिटी मैनेजमेंट, हेल्थकेयर गवर्नेंस और डिजिटल पब्लिक सर्विसेज में एआई आधारित समाधान विकसित कर उत्तर प्रदेश को एआई और इनोवेशन के नए केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
Sourse: Dainik Bhaskar via DNI News

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