मथुरा में 7 बाल श्रमिक पकड़े गए:5 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई, श्रम विभाग ने नोटिस दिए
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मथुरा में 7 बाल श्रमिक पकड़े गए:5 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई, श्रम विभाग ने नोटिस दिए
मथुरा में बाल श्रम उन्मूलन अभियान चलाया गया। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और मुख्य विकास अधिकारी डॉ. पूजा गुप्ता के निर्देशन तथा सहायक श्रमायुक्त एम.एल. पाल के निर्देश पर यह कार्रवाई हुई। अभियान के तहत कोतवाली क्षेत्र के सौंख अड्डा, भैंस बहोरा, भरतपुर गेट और दरेसी रोड स्थित कई प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान टीम को 5 अलग-अलग प्रतिष्ठानों में कुल 7 बाल श्रमिक काम करते हुए मिले। इनमें 6 बालक खतरनाक प्रक्रियाओं में और 1 किशोर गैर-खतरनाक कार्य में शामिल पाया गया। श्रम विभाग ने मौके पर ही संबंधित सेवायोजकों के खिलाफ नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस अभियान में श्रम प्रवर्तन अधिकारी एस.पी. पाण्डेय के नेतृत्व में एक टीम शामिल थी। इसमें चाइल्ड हेल्पलाइन से परियोजना समन्वयक कृष्ण कुमार सैनी और केसवर्कर नवीन, साथ ही थाना एएचटी से उप निरीक्षक संदीप राणा, मुख्य आरक्षी योगेश कुमार, जितेंद्र कुमार और महिला मुख्य आरक्षी श्रीमती सुशीला मौजूद रहे। अधिकारियों ने बाल श्रम के कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। बाल श्रमिकों से काम कराने पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना या तीन वर्ष तक की कैद अथवा दोनों हो सकते हैं। वहीं, किशोरों से नियम विरुद्ध कार्य कराने पर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना या तीन माह तक की कैद या दोनों का प्रावधान है। कार्रवाई के दौरान कुछ दुकानदारों ने विरोध भी किया, लेकिन टीम ने स्थिति को सख्ती से संभाला। उन्हें बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 के प्रावधानों से अवगत कराया गया और भविष्य में बाल श्रम न कराने की कड़ी चेतावनी दी गई।
Source: Dainik Bhaskar via DNI News
