गौरीशंकर कुमार | मोतिहारी मोतिहारी विधानसभा चुनाव के लिए 11 नवंबर को मतदान होगा। इसको लेकर उम्मीदवारों ने नामजदगी का पर्चा दाखिल कर दिया है। इस बार जातीय समीकरण हावी है। पहले ऐसा लग रहा था कि स्थानीय मुद्दों को लेकर प्रत्याशियों को परेशानी होगी। मोतिहारी विधानसभा में ऐसे तो कई मुद्दे हैं। लेकिन, हनुमान चीनी मिल का चालू नहीं होना तथा रविन्द्र नाथ मुखर्जी आयुर्वेद कॉलेज का मुद्दा काफी अहम है। चीनी मिल के चालू नहीं होने को लेकर स्थानीय लोगों में निराशा है। लोग आज भी 2014 में प्रधानमंत्री के प्रत्याशी नरेंद्र मोदी की बात को नहीं भूले हैं। उन्होंने चुनावी रैली के दौरान गांधी मैदान के मंच से कहा था कि अगली बार मोतिहारी आने पर चीनी मिल की चीनी से बनी चाय पीयूंगा। इसके बावजूद चीनी मिल चालू नही हो सका। कई बार बताया गया कि यह निजी चीन मिल है। जिसे चालू कराने में सरकार असमर्थ है। मिल मालिक ने चीनी मिल चालू करने को लेकर असमर्थता जताई है। प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी पांच बार मोतिहारी आ चुके हैं। इसी तरह मोतिहारी का आयुर्वेद कॉलेज जो तकरीबन 17 वर्ष से बंद है, को लेकर भी लोगों में नाराजगी है। इसके अलावा मोतीझील का अतिक्रमण, एंटी इनकंबेंसी भी एक अलग फैक्टर है। 2015 का चुनाव परिणाम 2020 का चुनाव परिणाम प्रमोद कुमार भाजपा 79947 विनोद श्रीवास्त राजद 61430 जीत-हार का अंतर 18517 मोतिहारी विधानसभा चुनाव में इस बार मुख्य मुकाबला भाजपा के पांच बार के विधायक व मंत्री रहे तथा एनडीए समर्थित भाजपा प्रत्याशी प्रमोद कुमार व महागठबंधन समर्थित राजद प्रत्याशी देवा गुप्ता के बीच मानी जा रही है। हालांकि जनसुराज प्रत्याशी डॉ. अतुल कुमार त्रिकोण बनाने के लिए जी जान से लगे हैं। उन्हें भाजपा के कोर वोटर कायस्थ समाज सहित युवाओं का साथ मिल रहा है। वही जदयू के बागी व निर्दलीय प्रत्याशी दिव्यांशु भारद्वाज भी अपनी तरफ से लड़ाई में रहने के लिए जोर आजमाइश कर रहे हैं। दिव्यांशु पटना छात्र संघ के अध्यक्ष के साथ छात्र जदयू के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। वह पिछले तीन सालों से मोतिहारी विधानसभा में सक्रिय हैं। इस सीट पर 5 बार से भाजपा का कब्जा है। भाजपा जब जेडीयू के साथ चुनावी मैदान में थी तब भी भाजपा की जीत हुई थी। जेडीयू से अलग होकर चुनाव लड़ने पर भी भाजपा ही जीती थी। पिछले बार की तरह इस बार भी भाजपा व जेडीयू एक साथ चुनाव लड़ रही है। भाजपा ने एक बार फिर प्रमोद कुमार पर विश्वास जताया है। प्रमोद लगातार सातवीं बार भाजपा से चुनाव लड़ रहे हैं। राजद से देवा गुप्ता को मैदान में उतारा है। वही जनसुराज ने डॉ. अतुल कुमार को प्रत्याशी बनाया है। डॉ. अतुल पिछले कई सालों से भाजपा में थे। जबकि जदयू के बागी दिव्यांशु भारद्वाज निर्दलीय मैदान में है। प्रमोद कुमार भाजपा 92733 ओमप्रकाश चौधरी राजद 78088 जीत-हार का अंतर 14645
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