चित्रकूट में चल रहा अवैध खनन का काम:रात भर धड़ल्ले से चल रहीं पत्थर खदानें, नियमों की हो रही है अनदेखी
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चित्रकूट में चल रहा अवैध खनन का काम:रात भर धड़ल्ले से चल रहीं पत्थर खदानें, नियमों की हो रही है अनदेखी
चित्रकूट जिले के भरतकूप थाना क्षेत्र में पत्थर खदानों पर नियमों को ताक पर रखकर खनन का खेल जारी है। यहां रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक भारी मशीनों और ट्रकों के जरिए बड़े पैमाने पर पत्थर निकाले और लोड किए जा रहे हैं। जबकि शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक खदानों का संचालन पूरी तरह बंद रहना चाहिए। अंधेरे में तेज आवाज करती मशीनें और ओवरलोड ट्रकों में बड़े-बड़े पत्थर भरते मजदूर साफ दिखाई दिए। सुरक्षा मानकों का कहीं कोई पालन नहीं हो रहा था, जिससे हादसे का खतरा हर समय बना रहता है। स्थानीय लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यह अवैध खनन जिला खनिज अधिकारी रणवीर सिंह की कथित सहमति से हो रहा है। रात-दिन खनन कार्य जारी रहता है उनका आरोप है कि खदान संचालक नियमित रूप से ‘एवरेज’ के नाम पर मोटी रकम पहुंचाते हैं, जिसके चलते रात-दिन खनन कार्य जारी रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि इस अवैध गतिविधि ने पूरे क्षेत्र को खतरे में डाल दिया है। खनन स्थलों पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। न तो मजदूरों के लिए सुरक्षा उपकरण उपलब्ध हैं और न ही हादसों से बचाव के उपाय। ऐसे में किसी भी वक्त बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं। जब इस पूरे मामले पर जिला खनिज अधिकारी रणवीर सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि अगर रात में खदान चलती है और कोई हादसा होता है, तो उसकी जिम्मेदारी पट्टाधारक की होगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। हालांकि, सवाल यह उठता है कि जब नियम स्पष्ट हैं, तो उनकी निगरानी और पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी किसकी है? अगर अवैध खनन लंबे समय से चल रहा है, तो संबंधित विभाग अब तक कार्रवाई क्यों नहीं कर सका? फिलहाल, भरतकूप क्षेत्र की ये खदानें ‘मौत का खेल’ बन चुकी हैं, जहां नियमों की अनदेखी कर लोगों की जान जोखिम में डाली जा रही है।
Source: Dainik Bhaskar via DNI News
