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जौनपुर के इत्र को मिलेगी अंतरराष्ट्रीय पहचान:जीआई टैग के लिए तैयारी, महिलाओं को दिया जा रहा प्रशिक्षण


                 जौनपुर के इत्र को मिलेगी अंतरराष्ट्रीय पहचान:जीआई टैग के लिए तैयारी, महिलाओं को दिया जा रहा प्रशिक्षण

जौनपुर के इत्र को मिलेगी अंतरराष्ट्रीय पहचान:जीआई टैग के लिए तैयारी, महिलाओं को दिया जा रहा प्रशिक्षण

जौनपुर के प्रसिद्ध इत्र को अब अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसे भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 12 मार्च, 2025 को जौनपुर के शाही किले में इमरती के साथ इत्र का भी जिक्र किया था। जौनपुर की इमरती को पहले ही जीआई टैग मिल चुका है, लेकिन यहां के इत्र की खुशबू समय के साथ फीकी पड़ गई थी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को इत्र को पुनः प्रसिद्धि दिलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस पहल के तहत कुछ समय पहले 60 महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया था। अब इत्र बनाने के लिए आवश्यक फूलों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। एनआरएलएम समूह की महिलाएं इत्र निर्माण के लिए फूल सीधे किसानों से प्राप्त करेंगी। महिलाओं को इत्र बनाने का प्रशिक्षण चरणबद्ध तरीके से दिया जा रहा है। पहले चरण में करजकला, रामनगर, राधपुर और शाहगंज ब्लॉक से कुल 60 महिलाओं (प्रत्येक ब्लॉक से 15-15) को कन्नौज भेजकर प्रशिक्षित किया गया है। आने वाले दिनों में प्रशिक्षित महिलाओं की संख्या में और वृद्धि की जाएगी। इत्र निर्माण में सबसे बड़ी चुनौती फूलों, विशेषकर गुलाब के फूलों की उपलब्धता है। वर्तमान में गुलाब के फूल बाहर से मंगाए जाते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए अब फूलों की खेती करने वाले किसानों की पहचान की जा रही है, ताकि उन्हें इस पहल से जोड़कर स्थानीय स्तर पर फूलों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। उपायुक्त एनआरएलएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि इत्र उद्योग को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि फूलों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस समस्या का समाधान कर लिया जाएगा।


Source: Dainik Bhaskar via DNI News

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