अस्पताल में करंट लगने से महिला की मौत:डॉक्टरों-मैनेजर ने ₹5.25 लाख का मुआवजा दिया
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अस्पताल में करंट लगने से महिला की मौत:डॉक्टरों-मैनेजर ने ₹5.25 लाख का मुआवजा दिया
जौनपुर के ट्यूलिप हार्ट एंड सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में वाटर कूलर से करंट लगने से एक महिला की मौत के मामले में अस्पताल के दो डॉक्टरों और मैनेजर ने मृतका के पति को 5.25 लाख रुपये का मुआवजा दिया है। यह राशि दीवानी न्यायालय की स्थायी लोक अदालत में जमा की गई, जिसे चेक के माध्यम से मृतका गुड़िया के पति प्रदीप कुमार गौड़ को प्रदान किया गया। यह घटना 30 सितंबर 2025 को सुबह करीब 10:30 बजे हुई थी। प्रदीप कुमार गौड़ की पत्नी गुड़िया अपनी सास लालती देवी की देखरेख के लिए अस्पताल में थीं। वाटर कूलर से पानी लेते समय उन्हें करंट लग गया और वह गिर पड़ीं। अस्पताल के डॉक्टरों ने बिना उचित जांच किए उन्हें जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। जिला चिकित्सालय पहुंचने पर डॉक्टरों ने गुड़िया को मृत घोषित कर दिया। गुड़िया की सास लालती देवी 28 सितंबर 2025 से 1 अक्टूबर 2025 तक ट्यूलिप हॉस्पिटल में भर्ती थीं। परिवादी प्रदीप कुमार गौड़ और अन्य लोगों ने इस घटना को अस्पताल की घोर लापरवाही का परिणाम बताया। उनका आरोप था कि यदि अस्पताल तत्काल इलाज की व्यवस्था करता, तो गुड़िया की जान बचाई जा सकती थी, खासकर जब यह अस्पताल हृदय सहित विभिन्न प्रकार के मरीजों का इलाज करता है। इस मामले में मृतका के पति प्रदीप कुमार गौड़ और उनके दो बच्चों ने स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष लालचंद गुप्ता के समक्ष ट्यूलिप हार्ट एंड सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के डॉक्टर उत्पल कुमार शर्मा, डॉक्टर मोहसिन जफर और मैनेजर उज्जवल कुमार सिंह के खिलाफ परिवाद दाखिल किया था। पुलिस ने भी इस घटना में मुकदमा दर्ज कर अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। मामले की सुनवाई के दौरान, विपक्षी डॉक्टरों और मैनेजर ने 5.25 लाख रुपये बतौर क्षतिपूर्ति देने पर सहमति व्यक्त की। यह धनराशि चेक के माध्यम से अदालत में जमा की गई, जिसे बाद में परिवादी प्रदीप कुमार गौड़ को सौंप दिया गया।
Source: Dainik Bhaskar via DNI News
