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बेटी रोती रही, पिता को मौसी ने मार डाला:पुलिस के पैर पकड़कर रोई पत्नी, बोली- मुझे भी मार डालेंगे; लखनऊ में दामाद की हत्या
लखनऊ में घर आए दामाद को मारते समय बेटियों ने भी साथ दिया। उन्होंने बीचबचाव करने आई बड़ी बहन के हाथ पकड़ लिए। दामाद को ससुर, चचिया ससुर और सास पीटते रहे। वह लहूलुहान होकर फर्श पर गिर पड़ा इसके बावजूद पीटना बंद नहीं किया। इस दौरान दामाद की 2 साल की मासूम बेटी यानी हत्यारोपी ससुर की नातिन रोती जा रही थी। घटना आशियाना इलाके के सेक्टर-आई की मंगलवार रात की है। तीर्थराज ने अपने छोटे भाई यज्ञनारायण और पत्नी-बेटियों के साथ मिलकर दामाद विष्णु यादव की हत्या कर दी थी। पुलिस ने ससुराल के सभी हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस रिपोर्ट में पढ़िए, उस रात हत्या के बाद क्या-क्या हुआ? पुलिस के आने पर आरोपी ससुर-सालियों का रिएक्शन क्या था? दामाद की डेडबॉडी किस हालत में थी, पति की डेडबॉडी को भी बेटी कैसे कह रही थी कि वह अभी बेहोश हैं… पढ़िए- पहले घर की 3 तस्वीरें- अब पढ़िए पूरा मामला- तीर्थराज सिंह लखनऊ हाईकोर्ट में वकील है। वह आशियाना सेक्टर-I स्थित मकान संख्या ए-1061 में पत्नी सरोज और 5 बेटियों राधा, साक्षी, रत्ना, ज्योति और विधि सिंह के साथ रहता है। 4 साल पहले उसकी मझली बेटी साक्षी ने प्रतापगढ़ के विष्णु यादव से लव मैरिज कर ली थी। तीर्थराज और परिवारवाले बेटी की इस शादी के खिलाफ थे। इसीलिए तीर्थराज, विष्णु से कम बातचीत करते थे। पड़ोसी ने बताया- तीर्थराज अपनी गाड़ी में भाजपा का झंडा लगाकर चलता है। दबंग व्यक्ति है। डेढ़ साल पहले एक सब्जी वाले को भी बुरी तरह पीटा था। अब पढ़िए उस रात का घटनाक्रम- पुलिस को अंदर नहीं आने दे रहा था ससुर हत्या वाली रात पुलिस को पड़ोसियों ने सूचना दी कि यहां हत्या हो गई है। पुलिस पहुंची तो तीर्थराज के घर का गेट अंदर से बंद था। आवाज लगाने पर तीर्थराज बाहर आया। पुलिस ने कहा गेट खोलिए तो बोला- नहीं खोलेंगे। पुलिस ने बताया कि घर में हत्या की सूचना है। गेट खोलिए। इस पर तीर्थराज बोला- कुछ नहीं हुआ है। नॉर्मल मारपीट है। हमारे घर का मामला है। हम इसे सुलझा लेंगे। आप लोगों की कोई जरूरत नहीं है। गेट नहीं खुलेगा। पुलिस टीम में करीब 8-10 सिपाही-अधिकारी थी। सबने धक्का देकर गेट खोला और दाखिल हो गए। दामाद की डेडबॉडी को घसीटने की कोशिश पुलिस अंदर दाखिल हुई तो हर कमरे में छानबीन शुरू की। जैसे ही अंदर के कमरे में कुछ पुलिसकर्मी पहुंचे तो चौंक गए। वहां पर एक युवक की डेडबॉडी पड़ी थी। सिर से ढेर सारा खून निकला हुआ था। डेडबॉडी को घसीटने की कोशिश की गई थी। तब तक पुलिस पहुंच गई तो सभी आरोपी शांत हो गए थे। पुलिस के पैर पकड़कर रोई बेटी, बोली- बचा लो घर में बेटी का रो-रोकर बुरा हाल था। उसके कपड़ों पर भी खून लगा था। पुलिस को जैसे ही देखा तो उसने महिला पुलिसकर्मी के पैर पकड़ लिए। वह पैर नहीं छोड़ रही थी। यह कहती जा रही थी कि अंदर पति बेहोश पड़े हैं। उन्हें बचा लो। मुझे ये लोग मार डालेंगे। मुझे भी बचा लो। मेरी छोटी सी बेटी है, रो रही है। उसे कौन देखेगा। विष्णु के लखनऊ आने से नाराज थे पत्नी साक्षी ने पुलिस को बताया कि विष्णु के लखनऊ वापस आने से उसके परिवार वाले नाराज थे। मंगलवार रात जब वह ससुराल पहुंचा तो इसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। साक्षी के मुताबिक, सबसे पहले उसके पिता तीरथराज ने विष्णु पर हमला किया। इसके बाद उसकी बहनों और अन्य परिजनों ने भी मिलकर मारपीट शुरू कर दी। जब वह पति को बचाने दौड़ी तो दो बहनों ने उसका हाथ पकड़ लिया। इसी दौरान बाकी लोगों ने विष्णु को बेरहमी से पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई। लखनऊ में बसने की तैयारी, अगले दिन थी जॉइनिंग विष्णु पहले लखनऊ में ही काम करता था, लेकिन शादी के बाद वह बाहर चला गया, जहां उसने जस्ट डायल कंपनी में नौकरी की। वह दोबारा लखनऊ में बसना चाहता था। हाल ही में उसने एक कंपनी में आवेदन किया था और उसका चयन भी हो गया था। बुधवार को उसकी जॉइनिंग तय थी। इसी को लेकर वह रविवार को पत्नी और बेटी के साथ लखनऊ आया था। उसने तेलीबाग में किराये पर कमरा लिया और नई शुरुआत की तैयारी कर रहा था। यहां ही रहकर बेटी पढ़ाने की प्लानिंग थी। सिर की हड्डी टूटी, ज्यादा खून बहा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ है कि विष्णु के सिर की हड्डी टूट गई थी। ज्यादा खून बहने की वजह से उसकी मौत हुई। पुलिस ने इसे साफतौर पर हत्या का मामला माना है। एसीपी कैंट अभय प्रताप मल्ल के मुताबिक, मृतक के पिता छेदीलाल यादव की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। छेदीलाल प्रतापगढ़ के सांगीपुर क्षेत्र के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि विष्णु एक हफ्ते पहले ही लखनऊ आया था। मंगलवार रात करीब 8:30 बजे उसने छोटे भाई रोहित से बात कर बताया था कि वह ससुराल जा रहा है। उसके बाद रात 10:30 बजे पुलिस ने फोन किया कि विष्णु यादव की हत्या हो गई है। भाई बोला- बेटी का लखनऊ में एडमिशन कराना चाहता था मृतक के भाई रोहित यादव ने बताया- मेरी अपने भाई विष्णु से मंगलवार रात करीब 8:30 बजे बात हुई थी। हालचाल लिया था, तब तक सबकुछ ठीक था। रात करीब 10छ30 बजे दरोगा का फोन आया कि भाई की हत्या कर दी गई है। भाई लखनऊ में ही सेटल होना चाहता था। बेटी का एडमिशन यहीं कराना चाहता था। लव मैरिज बनी हत्या की वजह- 5 साल पहले हुई थी विष्णु और साक्षी की मुलाकात पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि विष्णु और साक्षी की मुलाकात करीब पांच साल पहले लखनऊ में ही हुई थी। दोनों एक ही इलाके में रहते थे। पास-पड़ोस में रहने के कारण पहले दोस्ती हुई, फिर बातचीत बढ़ी और धीरे-धीरे यह रिश्ता प्यार में बदल गया। करीब एक साल तक रिलेशनशिप में रहने के बाद दोनों ने चार साल पहले कोर्ट मैरिज कर ली। हालांकि इस शादी से साक्षी के परिवार वाले बिल्कुल खुश नहीं थे। विरोध के बावजूद दोनों साथ रहे। कुछ समय बाद परिवार ने ऊपर-ऊपर से रिश्ते को स्वीकार कर लिया, लेकिन अंदर ही अंदर नाराजगी बनी रही। छोटी बहन को घुमाने ले जाने पर दर्ज कराया था केस शादी के कुछ समय बाद साक्षी के कहने पर विष्णु उसकी छोटी बहन रतन को घुमाने ले गया था। इसी बात से ससुर तीरथराज भड़क गए। उन्होंने विष्णु के खिलाफ नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाते हुए पॉक्सो और एससी/एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज करा दिया। इस मामले में विष्णु करीब एक साल जेल में रहा और 5 मई 2025 को जमानत पर छूटा। परिजनों का कहना है कि वह लड़की को भगाकर नहीं ले गया था, बल्कि परिवार की जानकारी में ही घूमने गया था। जेल से बाहर आने के बाद वह पत्नी और बेटी के साथ कुछ समय गांव में रहा, फिर दोबारा लखनऊ आ गया। ———————— ये खबर भी पढ़िए- नाना-नानी से बच्ची को मिलाने लाए दामाद की हत्या : लखनऊ में 4 सालियों ने कमरे में बंद कर मारा, बचाने आई पत्नी को भी पीटा लखनऊ में 3 साल की बेटी को नाना-नानी से मिलाने आए दामाद की ससुरालवालों ने हत्या कर दी। आरोप है कि सास-ससुर, चचिया ससुर और सालियों ने मिलकर दामाद को कमरे में बंद कर दिया और जमकर पीटा। इस दौरान उसकी पत्नी बीच-बचाव करती रही, लेकिन ससुरालवाले नहीं माने। ससुर ने चारपाई का पाया दामाद के सिर पर मार दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। (पूरी खबर पढ़िए)
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