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UP के 18 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट:कानपुर-मथुरा समेत 5 जिलों में ओले गिरे, 3 दिन में 15 मौतें; बहराइच रहा सबसे गर्म


                 UP के 18 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट:कानपुर-मथुरा समेत 5 जिलों में ओले गिरे, 3 दिन में 15 मौतें; बहराइच रहा सबसे गर्म

UP के 18 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट:कानपुर-मथुरा समेत 5 जिलों में ओले गिरे, 3 दिन में 15 मौतें; बहराइच रहा सबसे गर्म

यूपी में बेमौसम बारिश का दौर जारी है। सोमवार को 18 जिलों में बारिश और ओले गिरने का अलर्ट है। इटावा में सर्वाधिक 30 मिमी वर्षा दर्ज की गई। वहीं पिछले 3 दिन में आंधी-बारिश और बिजली गिरने से 15 लोगों की मौत हो गई। शनिवार शाम को शुरू हुई बारिश रविवार को भी जारी रही। काशी, गोंडा, सल्तानपुर और कानपुर समेत 11 जिलों में रुक-रुक कर बारिश हुई। 40-50 किलोमीटर की रफ्तार से हवा चली। वहीं, मौसम विभाग ने रविवार देर शाम चेतावनी दी कि अगले 3 घंटों के दौरान लखनऊ, रायबरेली और उन्नाव में ओले गिर सकते हैं। साथ ही आंधी-तूफान भी आ सकता है। शनिवार की बात करें तो 15 जिलों में बारिश हुई। जालौन-कानपुर समेत 5 जिलों में ओले गिरे। कानपुर में आंधी से 200 से ज्यादा पेड़ और बिजली के पोल उखड़ गए। चलते ऑटो पर बरगद का पेड़ गिर पड़ा। ड्राइवर और 60 साल की महिला की मौत हो गई। सीतापुर में बिजली गिरने से घर में आग लग गई। मां-बेटी की जिंदा जलकर मौत हो गई। सिद्धार्थनगर में बारिश और आंधी के बीच बोलेरो नहर में जा गिरी। महिला और 5 महीने के मासूम की मौत हो गई, जबकि 7 घायल हो गए। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, 7 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। जिसका प्रभाव सबसे पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दिखाई देगा। इसके बाद यह धीरे-धीरे मध्य क्षेत्रों की ओर बढ़ेगा और 8 अप्रैल तक पूरे प्रदेश को प्रभावित करेगा। इस दौरान तेज आंधी, गरज-चमक और बारिश होगी। आंधी-बारिश से किन जिलों में कितनी मौतें, जानिए आंधी-बारिश और बिजली से कानपुर में 4 लोगों की मौत हुई। इसके अलावा सीतापुर में 3, वाराणसी, चित्रकूट, सिद्धार्थनगर और ललितपुर में 2-2 लोगों की जान गई। मौसम की तस्वीरें देखिए- योगी बोले- लापरवाही बर्दाश्त नहीं, अफसर अलर्ट पर रहें सीएम योगी ने कहा है कि बारिश से किसानों को जो नुकसान हो रहा है, उसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों से नुकसान की रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने कहा- सभी अधिकारी अलर्ट मोड पर रहें। सुनिश्चित करें कि आपदा का असर किसानों पर कम से कम पड़े। अगर कहीं जान-माल या पशुओं का नुकसान हुआ है, या कोई घायल हुआ है, तो 24 घंटे के भीतर मुआवजा दिलाया जाए।


Source: Dainik Bhaskar via DNI News

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