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कानपुर में गैस पैनिक के बीच 400 लोगों की लाइन:पुलिस गैस बटवाने पहुंची, लोग बोले- आधी गाड़ी आ रही है क्या ब्लैक हो रही है


                 कानपुर में गैस पैनिक के बीच 400 लोगों की लाइन:पुलिस गैस बटवाने पहुंची, लोग बोले- आधी गाड़ी आ रही है क्या ब्लैक हो रही है

कानपुर में गैस पैनिक के बीच 400 लोगों की लाइन:पुलिस गैस बटवाने पहुंची, लोग बोले- आधी गाड़ी आ रही है क्या ब्लैक हो रही है

कानपुर में गैस की किल्लत लगातार चल रही है, लोग सुबह 5 बजे से सिलेंडर लाकर लाइन में आकर खड़े हो जाते है। लोगों आरोप है – भगवत दास गैस एजेंसी पर गैस की आधी गाड़ी आती है।हालांकि ग्राहकों ने गैस की कालाबजारी होने की बात कही है। इसकी वजह से समस्या लगातार बनी हुई है। लेकिन प्रशासन का दावा- गैस की कालाबाजारी पर रोक लगा रहे है। सभी को गैस दी जा रही है। गैस पैनिक के बीच लोग कानपुर में लाइन लगाए हुए खड़े हुए मिले, इस बीच गैस के लिए परेशान लोगों से बात की। गैस पैनिक की 3 तस्वीरें देखिए शमसुद्दीन के टूटे हुए पैर से डंडे के सहारे चमनगंज से आकर के सुबह 6 बजे से गैस के लिए लाइन में लग जाते है। ये काम वह 3 दिनों से कर रहे है।वह बताते है, हमारी गैस डिलीवरी की डेट 13 तारीख की दी थी। हम सुबह 6 बजे से आकर के लाइन में लग गए। यहां आधी गाड़ी सिलेंडर की आती है, मुझे मिल नहीं पा रही है। यहां आज भी नंबर नहीं आया है। जब तक नंबर आएगा तब तक सिलेंडर खत्म हो जाएगें। हम दो एजेंसियों के चक्कर काट रहे है, जब चुन्नीगंज जाते है , तो वहां भी खत्म हो जाती है, यहां आते है, यहां भी खत्म हो जाती है। यहां तो आधी गाड़ी आएगी तो, कैसे सभी को गैस मिल पाएगी। यहां तक एक बार आने-जाने में दो सौ रुपए लगते है। हम यहां 3 दिनों से लगातार आ रहे है। राजू बताते है, हम 13 तारीख से लगातार चक्कर लगा रहे है, आज 6 दिन हो गए। लेकिन सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। यहां केवल आधी गाड़ी सिलेंडर आए है, बताओं इससे कैसे काम चलेगा। एक दिन आने जाने का 200 रुपए लगता है, 1200 रुपए आने जाने में खर्च कर चुके है। घर में लकड़ी और कोयले से काम चल रहा है। बताओ इस महंगाई के समय मे चक्कर कटवा रहे हो। गरीब आदमी का कैसे काम चलेगा।
कमलेश सिंह बताते है, हम 4 दिनों से सुबह आकर के लाइन लगाते है। आधी गाड़ी आती है तो कैसे काम चलेगा। सुबह आकर के लाइन में लग जाते है। लगातार 4 दिनों से आ रहे है। इस समय पूरा घर होटल के सहारे के चल रहा है। खाने के लिए रोटी तो चाहिए ही। अब होटल वालों ने भी पैसे बढ़ा दिये है। बबलू चौधरी बताते हैं, हम 3 दिनों से चक्कर लगा रहे हैं। मेरा वाउचर 15 तारीख से बना हुआ है। अब तीन दिनों से चक्कर काट रहा हूं। अभी दो दिनों से गाड़ी नहीं है, उससे पहले एक दिन लाइन में लगा रहा हूं। आज फिर लाइन में लगा रहा। लेकिन सिलेंडर नहीं मिला। सुबह 6 बजे से लाइन में लगा हुआ हूं। यहां पर गाड़ी पूरी नहीं आ रही है। इस गाड़ी में 560 सिलेंडर आने चाहिए, लेकिन यहां पर 250 सिलेंडर की आधी गाड़ी आ रही है। बाकी सिलेंडर कहां जा रहे है। आगे बताते है, बताइए घर में माता- पिता को ब्रेन हैमरेज है। यहां पहले तो आधी गाड़ी आ रही ह, उसके बाद में 25 से ज्यादा सिलेंडर लोग बगैर लाइन में लगे ले गए। बताओ अगर ये लोग ब्लैक नहीं करते तो सभी को मिल जाती है।


Sourse: Dainik Bhaskar via DNI News

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