कुपोषण पर सख्ती, बच्चों की भर्ती में लापरवाही उजागर:मैनपुरी में मंत्री का कड़ा एक्शन- एनआरसी में कम भर्ती पर अफसरों की क्लास
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कुपोषण पर सख्ती, बच्चों की भर्ती में लापरवाही उजागर:मैनपुरी में मंत्री का कड़ा एक्शन- एनआरसी में कम भर्ती पर अफसरों की क्लास
महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य ने जनपद में विभाग की योजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कुपोषण और विभागीय लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया। मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का लाभ पात्रों तक समय पर और प्रभावी ढंग से पहुंचना चाहिए। समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने 6 माह पूर्ण कर चुके बच्चों के अन्नप्राशन और गर्भवती महिलाओं की गोद भराई कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि गर्भवती, धात्री महिलाओं और कुपोषित (SAM-MAM) बच्चों की देखभाल उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अभिभावकों को चिन्हित कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) में भर्ती कराने के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया। समीक्षा में यह बात सामने आई कि मार्च माह में पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) में केवल 16 बच्चों को ही भर्ती कराया गया था। किशनी और मैनपुरी देहात से एक भी बच्चा भर्ती नहीं हुआ, जबकि करहल, घिरोर, बरनाहल और सुल्तानगंज से सिर्फ एक-एक बच्चे को भर्ती किया गया। इस पर मंत्री ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को चेतावनी दी और हर माह अधिक से अधिक बच्चों को एनआरसी में भर्ती कराने के निर्देश दिए। मंत्री ने आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्थाओं पर भी विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी केंद्रों पर वजन मशीन और अन्य आवश्यक उपकरण चालू हालत में होने चाहिए। बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और आंगनबाड़ी सहायिकाएं घर-घर जाकर बच्चों को केंद्र तक लाने में सहयोग करें। साथ ही, पुष्टाहार की गुणवत्ता की जांच अधिकारी स्वयं करें।
उन्होंने ई-केवाईसी और फेस ऑथेंटिकेशन की प्रक्रिया को अनिवार्य रूप से पूरा करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, पोषण ट्रैकर ऐप पर सभी डेटा को समय पर अपडेट करने को भी कहा गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि जनपद के 1788 आंगनबाड़ी केंद्रों पर ड्राई राशन की आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 209 केंद्रों को सक्षम आंगनबाड़ी के रूप में विकसित किया जा रहा है और मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत हजारों लाभार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है।
Source: Dainik Bhaskar via DNI News
