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ग्राम रोजगार सेवकों ने पंकज चौधरी के आवास पर प्रदर्शन:महराजगंज में 8 महीने से सैलरी नहीं आने भुगतान की मांग


                 ग्राम रोजगार सेवकों ने पंकज चौधरी के आवास पर प्रदर्शन:महराजगंज में 8 महीने से सैलरी नहीं आने भुगतान की मांग

ग्राम रोजगार सेवकों ने पंकज चौधरी के आवास पर प्रदर्शन:महराजगंज में 8 महीने से सैलरी नहीं आने भुगतान की मांग

महराजगंज के ग्राम रोजगार सेवकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं और आठ माह से लंबित मानदेय के भुगतान को लेकर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी के आवास पर ज्ञापन सौंपा। यह प्रदर्शन ग्राम रोजगार सेवक संघ के जिलाध्यक्ष ब्रह्मानंद के नेतृत्व में किया गया। ग्राम रोजगार सेवकों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए और धरने पर बैठ गए। उन्होंने बताया कि उन्हें प्रतिमाह मात्र ₹7788 का अल्प मानदेय मिलता है, जो अगस्त 2023 से अब तक लगभग आठ माह से नहीं मिला है। इस कारण महराजगंज सहित पूरे प्रदेश के हजारों ग्राम रोजगार सेवक गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। जिलाध्यक्ष ब्रह्मानंद ने बताया कि ग्राम रोजगार सेवक ग्रामीण स्तर पर सरकार की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मनरेगा के अलावा उनसे बीएलओ, एसआईआर, फार्मर रजिस्ट्री, एग्री स्टैक, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित कई जनहितकारी कार्य कराए जाते हैं। ग्राम पंचायत स्तर पर अंतिम पायदान पर खड़े लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने का दायित्व भी इन्हीं पर है। लगातार आठ माह से मानदेय न मिलने के कारण ग्राम रोजगार सेवकों और उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति अत्यंत खराब हो गई है। परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है। रोजगार सेवकों का कहना है कि आर्थिक तंगी के कारण वे दशहरा, दीपावली और होली जैसे पर्व भी खुशियों के साथ नहीं मना पा रहे हैं, और बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। ग्राम रोजगार सेवकों का आरोप है कि उनसे लगातार कार्य तो कराया जा रहा है, लेकिन समय पर मानदेय नहीं दिया जा रहा, जो अन्यायपूर्ण है। उन्होंने इसे बंधुआ मजदूरी जैसी स्थिति बताते हुए सरकार से न्याय की मांग की है। रोजगार सेवकों ने प्रदेश अध्यक्ष को सौंपे गए ज्ञापन में अपनी प्रमुख मांगें रखीं। इनमें पिछले आठ माह के लंबित मानदेय का तत्काल भुगतान, महंगाई को देखते हुए मानदेय को ₹35,000 प्रतिमाह करने, लगभग 19 वर्षों से संविदा पर कार्यरत करीब 40 हजार ग्राम रोजगार सेवकों को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने और समय से मानदेय सुनिश्चित करने के लिए अलग बजट की व्यवस्था करने की मांग शामिल है। इसके साथ ही रोजगार सेवकों ने 4 अक्टूबर 2021 को लखनऊ के एक्सपो पार्क में मुख्यमंत्री द्वारा की गई एचआर पॉलिसी संबंधी घोषणाओं को लागू करने, वरिष्ठता के आधार पर नियमितीकरण करने तथा डिजिटल कार्यों के लिए उच्च गुणवत्ता का मोबाइल फोन उपलब्ध कराने की भी मांग की। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने ग्राम रोजगार सेवकों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को संबंधित स्तर पर उठाकर जल्द समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा।


Source: Dainik Bhaskar via DNI News

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