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शिक्षक कभी निवृत्त नहीं होता-विधायक पूनम संखवार:कहा- उनकी सेवाएं समाज में अनंत काल तक बनी रहती हैं


                 शिक्षक कभी निवृत्त नहीं होता-विधायक पूनम संखवार:कहा- उनकी सेवाएं समाज में अनंत काल तक बनी रहती हैं

शिक्षक कभी निवृत्त नहीं होता-विधायक पूनम संखवार:कहा- उनकी सेवाएं समाज में अनंत काल तक बनी रहती हैं

कानपुर देहात के मैथा ब्लॉक में प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा एक भव्य शिक्षक सम्मान समारोह एवं शिक्षा उन्नयन गोष्ठी का आयोजन किया गया। उच्च प्राथमिक विद्यालय गजा निवादा में हुए इस कार्यक्रम में सेवानिवृत्त शिक्षकों को सम्मानित किया गया। रसूलाबाद विधायक पूनम संखवार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। विधायक पूनम संखवार ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षक कभी सेवा से निवृत्त नहीं होता, बल्कि उनकी सेवाएं समाज में अनंत काल तक बनी रहती हैं। उन्होंने शिक्षा को जीवन का ऐसा आधार बताया जिसकी आवश्यकता जन्म से लेकर जीवन के अंतिम पड़ाव तक रहती है, इसलिए शिक्षकों का समाज में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। कार्यक्रम की अध्यक्षता अवधेश शुक्ल ने की, जबकि खंड शिक्षा अधिकारी सपना सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। इस आयोजन का नेतृत्व प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष मुकेश बाजपेई, मंत्री शशिकांत यादव और कोषाध्यक्ष महेंद्र वर्मा ने किया। समारोह में सेवानिवृत्त शिक्षक श्रीपाल बघेल, रामकुमार कुशवाहा, विनोद दयाल, निकहत फातिमा, ममता कटियार, रचना प्रकाश, करुणा देवी, अरुणा देवी और शिक्षामित्र गीता देवी को माल्यार्पण, अंगवस्त्र और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जिला मंत्री अशोक शुक्ला ने शिक्षकों की ज्वलंत समस्या ‘टेट प्रकरण’ को उठाया। उन्होंने कहा कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों पर अब टेट पास करने का दबाव न्यायसंगत नहीं है, विशेषकर उन शिक्षकों के लिए जो सेवानिवृत्ति के करीब हैं। उन्होंने विधायक से वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को इस व्यवस्था से मुक्त करने की मांग की। विधायक पूनम संखवार ने इस मुद्दे को सदन में उठाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण की आधारशिला हैं और विद्यालय में आने वाला प्रत्येक बच्चा कोरे कागज की तरह होता है, जिस पर शिक्षक ही भविष्य की इबारत लिखता है। खंड शिक्षा अधिकारी सपना सिंह ने भी सेवानिवृत्त शिक्षकों को बधाई देते हुए उनके योगदान की सराहना की। वहीं अध्यक्ष अवधेश शुक्ल ने कहा कि शिक्षक होना केवल आजीविका नहीं, बल्कि समाज कल्याण का माध्यम है। कार्यक्रम में विभिन्न शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए।


Source: Dainik Bhaskar via DNI News

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