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जालौन में दूसरे दिन भी बारिश-ओलावृष्टि:30 मिनट तक गिरे ओले, गेहूं-चना की फसल बर्बाद; किसानों का फूटा गुस्सा, सड़क जाम कर किया प्रदर्शन


                 जालौन में दूसरे दिन भी बारिश-ओलावृष्टि:30 मिनट तक गिरे ओले, गेहूं-चना की फसल बर्बाद; किसानों का फूटा गुस्सा, सड़क जाम कर किया प्रदर्शन

जालौन में दूसरे दिन भी बारिश-ओलावृष्टि:30 मिनट तक गिरे ओले, गेहूं-चना की फसल बर्बाद; किसानों का फूटा गुस्सा, सड़क जाम कर किया प्रदर्शन

जालौन में मौसम का मिजाज लगातार बिगड़ा हुआ है। रविवार दोपहर तेज बारिश के साथ करीब 30 मिनट तक ओलावृष्टि हुई, जिससे जनजीवन प्रभावित हो गया। कोंच नगर और आसपास के क्षेत्रों में भारी मात्रा में ओले गिरने से सड़कें और खेत सफेद चादर जैसे नजर आने लगे। जानकारी के अनुसार, जालौन के कोंच क्षेत्र में ओलावृष्टि का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। लगातार दूसरे दिन हुई बारिश और ओलों ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। इस बेमौसम बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान गेहूं और चना की फसलों को हुआ है। कई जगहों पर खड़ी फसलें जमीन पर गिर गईं, जबकि कटी हुई फसलें भीगकर खराब हो गईं। किसानों का कहना है कि उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया है। लगातार हो रहे नुकसान से परेशान किसान अब प्रशासन से फसल क्षति का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग कर रहे हैं, ताकि उन्हें इस प्राकृतिक आपदा से राहत मिल सके। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों की तबाही के बाद किसानों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। सैकड़ों किसानों ने मुख्य मार्ग पर जाम लगाकर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और तत्काल मुआवजे की मांग की। मौके पर पहुंचे अधिकारियों के आश्वासन के बाद ही जाम समाप्त हो सका। माधौगढ़ क्षेत्र अंतर्गत ग्राम राजपुरा में रविवार को किसानों ने रामपुरा–जगम्मनपुर मुख्य मार्ग जाम कर दिया। इस दौरान राजपुरा, पूरनपुरा, रुद्रपुरा, मिहौनी और अकबरपुरा समेत आसपास के कई गांवों के किसान बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल हुए। सड़क पर उतरे किसान, लगा लंबा जाम किसानों द्वारा मार्ग अवरुद्ध किए जाने से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। राहगीरों को घंटों तक परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शन कर रहे किसानों का आरोप था कि हर बार प्राकृतिक आपदा के बाद प्रशासन केवल सर्वे कर औपचारिकता पूरी कर देता है, लेकिन मुआवजे के नाम पर कुछ नहीं मिलता। कई किसानों ने कहा कि बार-बार शिकायतों के बावजूद उनके खातों में एक रुपये तक की सहायता नहीं आई। प्रदर्शन के दौरान कई किसानों की आंखें नम हो गईं। एक किसान ने बताया कि उसकी बेटी की शादी तय है, लेकिन फसल नष्ट होने से वह आर्थिक संकट में फंस गया है। अन्य किसानों ने कहा कि घरों में खाने तक का संकट खड़ा हो गया है। किसानों के अनुसार, ओलावृष्टि और तेज बारिश से गेहूं समेत अन्य रबी की फसलें खेतों में बिछ गई हैं, जिससे भारी नुकसान हुआ है। सूचना मिलते ही एसडीएम राकेश सोनी, सीओ अंबुज यादव, थाना प्रभारी विकेश बाबू और रामपुरा थाना प्रभारी रजत कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों को समझाकर जल्द सर्वे और मुआवजे का आश्वासन दिया। प्रशासन के आश्वासन के बाद किसानों ने जाम समाप्त कर दिया, लेकिन चेतावनी दी कि यदि जल्द राहत नहीं मिली तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।


Source: Dainik Bhaskar via DNI News

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