कानपुर में 4.09 लाख का पंचायत घोटाला:ग्राम प्रधान और 3 सचिव दोषी, कागजों में दिखाए फर्जी काम; जांच में खुलासा
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कानपुर में 4.09 लाख का पंचायत घोटाला:ग्राम प्रधान और 3 सचिव दोषी, कागजों में दिखाए फर्जी काम; जांच में खुलासा
कानपुर के बिधनू ब्लॉक स्थित कड़ी चंपतपुर ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर 4.09 लाख रुपये से अधिक के घोटाले का मामला सामने आया है। जिलाधिकारी की जांच में ग्राम प्रधान सपना चतुर्वेदी और तीन पंचायत सचिव दोषी पाए गए हैं। इस खुलासे से स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया है। ग्राम प्रधान सपना चतुर्वेदी पर आरोप है कि उन्होंने कागजों में फर्जी कार्य दिखाकर पंचायत निधि से 4,09,730 रुपये निकाले। यह राशि उनके पति पारुल चतुर्वेदी की फर्म ‘चतुर्वेदी ट्रेडर्स’ और स्वयं प्रधान के निजी खाते में हस्तांतरित की गई। गांव निवासी नित्यानंद की शिकायत पर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए थे। जांच की जिम्मेदारी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी पवन कुमार और आरईएस के अधिशासी अभियंता अनिल पांडेय को सौंपी गई। जांच टीम ने रिकॉर्ड खंगाले और मौके का निरीक्षण किया, तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2021 से 2025 के बीच ग्राम पंचायत में हैंडपंप रिबोर, निर्माण कार्य, सफाई और रखरखाव जैसे कई कार्यों का भुगतान दिखाया गया, लेकिन धरातल पर इनका कोई अस्तित्व नहीं मिला। कागजों में दर्शाए गए कार्य पूरी तरह फर्जी पाए गए। जांच में यह भी सामने आया कि इस घोटाले में पंचायत सचिव सुशील वर्मा, कृष्ण गोपाल और पुनीत मिश्रा की भूमिका भी संदिग्ध रही। तीनों सचिवों पर प्रधान के साथ मिलीभगत कर फर्जी भुगतान कराने का आरोप है। घोटाले में दोषी पाए गए एक सचिव को दोबारा उसी ग्राम पंचायत का चार्ज मिलने पर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई है और इस निर्णय पर भी सवाल उठ रहे हैं। पंचायत अधिकारी बोले- जांच कर करेंगे कार्रवाई
जिला पंचायत राज अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि सभी आरोपियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपित सचिव को दोबारा उसी ग्राम पंचायत का चार्ज दिए जाने के मामले की अलग से जांच कर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
Source: Dainik Bhaskar via DNI News
