संभल में 12 साल की बच्ची को 50,000 में बेचा:4 साल बनाया बंधक, 4 दोषियों को सजा; 2 को 12-12 साल, 2 को 7-7 साल की कैद
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संभल में 12 साल की बच्ची को 50,000 में बेचा:4 साल बनाया बंधक, 4 दोषियों को सजा; 2 को 12-12 साल, 2 को 7-7 साल की कैद
संभल की पॉक्सो एक्ट अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के एक सनसनीखेज मामले में चार दोषियों को सजा सुनाई है। यह मामला 12 वर्षीय बच्ची को अगवा कर बेचने, फिर अलग-अलग जगहों पर चार साल तक बंधक बनाकर दुष्कर्म करने से जुड़ा है। कोर्ट ने दो दोषियों को 12-12 साल और दो अन्य को 7-7 साल के कारावास की सजा सुनाई है। घटना संभल जनपद के गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की है। पीड़िता के पिता के मुताबिक, 7 अगस्त 2015 को उनकी 12 वर्षीय बेटी घर से नाराज होकर अपनी बुआ के घर जा रही थी। इसी दौरान रास्ते में गुन्नौर थाना क्षेत्र के नंदरोली गांव निवासी सरोज पत्नी सत्यपाल उसे अपने साथ ले गई। आरोप है कि सरोज ने बच्ची को नशीला पदार्थ खिलाकर 50 हजार रुपये में बेच दिया। एक के बाद एक कई जगह बनी शिकार पुलिस जांच के मुताबिक, पीड़िता किसी तरह वहां से भाग निकली, लेकिन रास्ते में बदायूं जिले के बिल्सी थाना क्षेत्र के गौशंद गांव निवासी मुकेश पुत्र होते लाल यादव ने उसे अपने घर में बंधक बना लिया। वहां उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद पीड़िता मुकेश के चंगुल से छूटी, लेकिन फिर मुजरिया थाना क्षेत्र के दरियापुर गांव निवासी रामेश्वर उर्फ पुजारी पुत्र बालेश्वर और बिल्सी थाना क्षेत्र के असोली अहमदनगर गांव निवासी सुल्तान सिंह पुत्र चंद्रपाल ने भी उसे बंधक बनाकर दुष्कर्म किया। चार साल बाद भागकर घर पहुंची पीड़िता पीड़िता लगभग चार साल तक अलग-अलग जगहों पर बंधक बनाकर रखी गई। किसी तरह 4 सितंबर 2019 को वह भागकर अपने घर पहुंच सकी। इसके बाद परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और जांच शुरू की। जांच के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। कोर्ट ने किसे कितनी सजा दी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट)/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अवधेश कुमार सिंह की अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद चारों आरोपियों को दोषी करार दिया। अदालत ने मुकेश और रामेश्वर उर्फ पुजारी को 12-12 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर 30,500-30,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। जुर्माने की आधी रकम पीड़िता को मिलेगी वहीं, सरोज और सुल्तान सिंह को 7-7 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई। सरोज पर 15,500 रुपये और सुल्तान सिंह पर 10,500 रुपये का अर्थदंड लगाया गया। न्यायालय ने आदेश दिया है कि वसूले गए अर्थदंड की आधी राशि पीड़िता को दी जाएगी, जबकि शेष राशि सरकारी कोष में जमा होगी।
Source: Dainik Bhaskar via DNI News
