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सहारनपुर में फर्जी बैनामा कर मकान कब्जाने का आरोप:महिला से छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी, खरीदे गए मकान पर पहले से कब्जा


                 सहारनपुर में फर्जी बैनामा कर मकान कब्जाने का आरोप:महिला से छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी, खरीदे गए मकान पर पहले से कब्जा

सहारनपुर में फर्जी बैनामा कर मकान कब्जाने का आरोप:महिला से छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी, खरीदे गए मकान पर पहले से कब्जा

सहारनपुर में जमीन विवाद का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें एक महिला ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि विपक्षियों ने फर्जी बैनामा कर उसके खरीदे हुए मकान पर अवैध कब्जा कर लिया और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट, छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी दी। थाना कुतुबशेर के महफूज गार्डन निवासी हिना पत्नी अब्दुल राजिक ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उसने 26 दिसंबर 2025 को इसरार कॉलोनी स्थित 100 वर्गगज का एक मकान अब्दुल रहमान से विधिवत बैनामा कर खरीद लिया था। प्रार्थना पत्र के अनुसार, यह मकान पहले अब्दुल रहमान के नाम दर्ज था और नगर निगम के रिकॉर्ड में भी वर्ष 2015 से उन्हीं के नाम पंजीकृत है। महिला का आरोप है कि विपक्षी नुसरत, सलीम अहमद, नफीसा और इलमा ने आपस में साजिश कर 16 जनवरी 2023 को इस मकान का फर्जी बैनामा तैयार कराया, जबकि सलीम अहमद को मकान बेचने का कोई अधिकार नहीं था। इसके बाद मात्र 10 दिन के भीतर 27 जनवरी 2023 को उक्त मकान इलमा के नाम दान कर दिया गया और सभी ने मिलकर मकान पर कब्जा कर लिया। प्रार्थना पत्र में यह भी कहा गया है कि जब महिला 10 फरवरी 2026 को शाम करीब 4 बजे शाहिद और जुबैर के साथ मकान पर कब्जा लेने पहुंची, तो सभी विपक्षियों ने उसे रोक लिया। आरोप है कि इस दौरान गाली-गलौज की गई, जान से मारने की धमकी दी गई और नफीसा, नुसरत व इलमा ने उसे पकड़ लिया। वहीं सलीम अहमद पर महिला के साथ अश्लील हरकत करने और आपत्तिजनक इशारे करने का आरोप लगाया गया है। महिला का कहना है कि विपक्षियों ने आपराधिक साजिश के तहत उसका मकान हड़प लिया है और लगातार उसे अपहरण व हत्या की धमकियां दी जा रही हैं। पीड़िता ने बताया कि उसने मामले की शिकायत थाना कोतवाली मंडी में की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद 12 फरवरी 2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को डाक के माध्यम से शिकायत भेजी और मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई, लेकिन फिर भी कोई सुनवाई नहीं हुई। प्रार्थना पत्र में महिला ने आरोप लगाया कि पुलिस बिना कोर्ट के आदेश के एफआईआर दर्ज करने को तैयार नहीं है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह निजी मुकदमा लड़ने में असमर्थ है, इसलिए उसने कोर्ट से धारा 173(4) बीएनएसएस के तहत मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश की मांग की है। फिलहाल कोर्ट में मामला विचाराधीन है।


Source: Dainik Bhaskar via DNI News

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