डीएम ने मेंहदावल पशु अस्पताल निर्माण में खराब ईंटें पाईं:गुणवत्ता जांच समिति गठित, एक सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश
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डीएम ने मेंहदावल पशु अस्पताल निर्माण में खराब ईंटें पाईं:गुणवत्ता जांच समिति गठित, एक सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश
जिलाधिकारी आलोक कुमार ने मेंहदावल विकासखंड कार्यालय और पशु अस्पताल का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने पत्रावलियों के व्यवस्थित रखरखाव, नियमानुसार और त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यालय परिसर में साफ-सफाई सुनिश्चित करने के लिए भी संबंधित कर्मचारियों को दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सर्वप्रथम सभी कक्षों और उनके कार्यों की अद्यतन स्थिति, प्रगति व गुणवत्ता का जायजा लिया। उन्होंने विकासखंड स्तर पर संचालित विभिन्न योजनाओं का गहन निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए। मनरेगा और एनआरएलएम योजनाओं की वर्तमान स्थिति व प्रगति की जानकारी ली गई। इसके अतिरिक्त, आईजीआरएस रजिस्टर, जनसुनवाई रजिस्टर और परिवार रजिस्टर का भी परीक्षण किया गया, जिस पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान, दो वर्ष से अधिक पुरानी लंबित ऑडिट आपत्तियां मिलीं, जिनके तत्काल निस्तारण के निर्देश जिलाधिकारी ने दिए। खंड विकास अधिकारी कक्ष की अलमारी में पुराने कागजात अस्त-व्यस्त पाए जाने पर, जिलाधिकारी ने उन्हें व्यवस्थित करने और अनावश्यक अभिलेखों को हटाने का निर्देश दिया। डेड स्टॉक रजिस्टर के निरीक्षण में पिछले दो वर्षों से स्टॉक का सत्यापन न होने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने तत्काल सत्यापन कराने के निर्देश दिए। इसके बाद, जिलाधिकारी ने मेंहदावल पशु अस्पताल का स्थलीय निरीक्षण किया। वर्तमान में यह चिकित्सालय पुराने भवन में संचालित है, जबकि नया भवन निर्माणाधीन है। निर्माणाधीन पशु चिकित्सालय भवन में इस्तेमाल की जा रही ईंटों की गुणवत्ता खराब पाई गई। इस पर जिलाधिकारी ने एक समिति गठित कर गुणवत्ता की जांच कराने और एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। पशु उपचार से संबंधित दवाइयां अस्पताल में उपलब्ध नहीं थीं। बताया गया कि चिकित्सालय में केवल एक फार्मासिस्ट कार्यरत है, जिसके पास अन्य स्थानों का भी प्रभार है और अलमारी की चाबी उसी के पास रहती है। इस स्थिति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की और निर्देश दिया कि चिकित्सालय में पशुओं से संबंधित आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए।
Source: Dainik Bhaskar via DNI News
