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न्यूरोसर्जन पर छेड़छाड़ केस में छात्रा का बयान दर्ज:प्रयागराज में छात्रा ने बताया- जो तहरीर में लिखा, वही मेरा बयान; मजिस्ट्रेट के सामने होगी पेशी


                 न्यूरोसर्जन पर छेड़छाड़ केस में छात्रा का बयान दर्ज:प्रयागराज में छात्रा ने बताया- जो तहरीर में लिखा, वही मेरा बयान; मजिस्ट्रेट के सामने होगी पेशी

न्यूरोसर्जन पर छेड़छाड़ केस में छात्रा का बयान दर्ज:प्रयागराज में छात्रा ने बताया- जो तहरीर में लिखा, वही मेरा बयान; मजिस्ट्रेट के सामने होगी पेशी

प्रयागराज में न्यूरोसर्जन डॉ. कार्तिकेय शर्मा पर छेड़छाड़ के मामले में शनिवार को पुलिस ने छात्रा का बयान दर्ज किया। इस दौरान उसने तहरीर में लिखी बातों को दोहराया और कहा कि उसने जो शिकायत की, वही उसका बयान है। उसने घटना से संबंधित कुछ अन्य सवालों का जवाब भी पुलिस को दिया। अब मजिस्ट्रेट के सामने उसका बयान दर्ज कराया जाएगा। सिर दर्द की शिकायत थी
पुलिस ने महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में छात्रा का वीडियो रिकॉर्डेड बयान लिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में छात्रा ने बताया कि वह धूमनगंज क्षेत्र में अपनी मां और भाई के साथ रहती है और उसके पिता का करीब एक वर्ष पहले निधन हो चुका है। उसने कहा कि सिर दर्द की समस्या बढ़ने पर वह एक अप्रैल की रात डॉक्टर को दिखाने उनके क्लाइव रोड स्थित आवास पर गई थी। 10:30 बजे चेंबर में गई
छात्रा के अनुसार उसका नंबर 74 था और नंबर आने में समय था, ऐसे में जरूरी काम की वजह से उसका भाई कुछ देर में आने की बात कहकर वहां से चला गया था। रात करीब 10:30 बजे नंबर आने पर वह चेंबर में गई। उस समय अन्य मरीज भी मौजूद थे, लेकिन डॉक्टर ने सभी को बाहर भेज दिया और इसके बाद चेंबर के दोनों दरवाजे भीतर से बंद कर दिए। छात्रा ने कहा कि इसके बाद वही घटना हुई, जिसका जिक्र उसने अपनी लिखित तहरीर में किया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, छात्रा का न्यायिक बयान सोमवार या मंगलवार को मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज कराया जा सकता है, जो आगे की कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। चेंबर के बाहर की गतिविधियों की भी जांच
जांच के समानांतर पुलिस अन्य साक्ष्यों को भी एकत्र कर रही है। डॉक्टर के आवास और चेंबर के बाहर के सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लिए जा चुके हैं और उनके आधार पर आवाजाही व समय का मिलान किया जा रहा है। फोन कॉल डिटेल के जरिए घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। इसके अलावा घटना के समय मौजूद स्टाफ, मरीजों और उनके तीमारदारों से पूछताछ की जा रही है। ओपीडी पेशेंट रजिस्टर और डीवीआर को भी जांच के दायरे में शामिल किया गया है, जिससे टाइमलाइन और उपस्थिति से जुड़े तथ्यों की पुष्टि हो सके। फिलहाल पुलिस पीड़िता के बयान, डिजिटल साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का मिलान कर जांच को आगे बढ़ा रही है। आने वाले दिनों में जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। एसीपी बोले
एसीपी सिविल लाइंस विद्युत गोयल ने बताया कि छात्रा का बयान दर्ज किया गया है। घटना से जुड़े हर बिंदु पर उससे पूछताछ की गई। अब मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।


Source: Dainik Bhaskar via DNI News

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