राजधानी पटना में बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय परिसर में एक भव्य श्वान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में विभिन्न नस्लों के लगभग 80 पालतू कुत्तों ने हिस्सा लिया। अलाबाई नस्ल की डॉग ‘काली’ (मालिक अभिषेक कुमार सिंह) ने ओवरऑल चैंपियन का खिताब जीता। प्रतियोगिता में आकर्षक ग्रूमिंग, अनुशासन, चाल-ढाल और कमांड पर प्रतिक्रिया के आधार पर विजेताओं का चयन किया गया। ‘काली’ ने अपने शानदार शारीरिक बनावट, आत्मविश्वास और बेहतरीन प्रशिक्षण से निर्णायकों को प्रभावित किया। विजेता की घोषणा होते ही दर्शकों ने तालियों से स्वागत किया। मंत्री सुरेन्द्र मेहता रहे मुख्य अतिथि बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के मंत्री सुरेन्द्र मेहता कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। उन्होंने कहा कि कुत्ते अपनी वफादारी, सतर्कता और संवेदनशीलता के लिए जाने जाते हैं। मंत्री ने जोर दिया कि कुत्ता न केवल घर की सुरक्षा करता है, बल्कि परिवार के सदस्य की तरह सुख-दुख में साथ खड़ा रहता है। मेहता ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में पशु कल्याण और जिम्मेदार पालतू पालन के प्रति जागरूकता बढ़ाते हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय की पशु चिकित्सा सुविधाओं की भी सराहना की। बढ़ रही है डॉग लवर्स की संख्या विश्वविद्यालय के कुलपति ने बताया कि बढ़ती सहभागिता दर्शाती है कि समाज में श्वान प्रेमियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि कुत्ता मानव का सबसे पुराना पालतू साथी है और अब हर परिवार का अभिन्न हिस्सा बनता जा रहा है। अपराध नियंत्रण और आपदा प्रबंधन में अहम भूमिका बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के भूतपूर्व निदेशक (शोध) डॉ. ए. ए. खान ने विशिष्ट अतिथि के रूप में कहा कि कुत्ते अपराध नियंत्रण, सुरक्षा और आपदा प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी सूंघने की अद्भुत क्षमता का उपयोग कैंसर जैसी बीमारियों के शुरुआती संकेतों की पहचान में भी किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान रेलवे सुरक्षा बल के श्वान दल ने अतिथियों को पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया, जो दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने सभी प्रतिभागियों और अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
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