सिटी रिपोर्टर| टनकुप्पा टनकुप्पा प्रखंड स्थित मिडिल स्कूल, कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय तथा बीआरसी कार्यालय तक आज तक पक्की सड़क नहीं बन पाई है। तीनों सरकारी शिक्षण संस्थान एक ही प्लॉट में स्थित हैं और बीच में बड़ा खेल मैदान भी मौजूद है, इसके बावजूद यहां तक पहुंचने के लिए कच्चे रास्ते का ही सहारा लेना पड़ता है। इस कारण रोजाना छात्र-छात्राओं तथा शिक्षकों को विद्यालय आने-जाने में भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी बदतर हो जाती है। बीआरसी में होने वाली मासिक गोष्ठी, खेलकूद प्रतियोगिता तथा अन्य सरकारी कार्यक्रमों के दौरान अधिकारियों और प्रतिभागियों को भी आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बताया जाता है कि टनकुप्पा मिडिल स्कूल क्षेत्र का सबसे पुराना विद्यालय है, जहां एक हजार से अधिक विद्यार्थी नामांकित हैं। कस्तूरबा विद्यालय में भी करीब सौ छात्राएं रहकर पढ़ाई करती हैं, जबकि बीआरसी कार्यालय प्रखंड का व्यस्ततम कार्यालय माना जाता है। इसके बावजूद आधा किलोमीटर दूर मुख्य सड़क (सीएचसी के पास) से पैदल या कच्चे रास्ते से ही इन संस्थानों तक पहुंचना पड़ता है। कस्तूरबा आवासीय विद्यालय टनकुप्पा मिडिल स्कूल बीआरसी को सड़क नसीब नही। सरकारी जमीन होने के बाद भी नहीं बनी सड़क स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी भूमि उपलब्ध होने के बावजूद सड़क निर्माण नहीं होना जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उदासीनता को दर्शाता है। चुनावी सभाओं, छठ मेले और खेलकूद प्रतियोगिताओं के दौरान यहां बड़ी संख्या में लोग आते हैं, फिर भी पक्की सड़क का निर्माण नहीं हो सका है। सरकार द्वारा सभी बसावटों और सरकारी संस्थानों तक पक्की सड़क पहुंचाने के दावे के बीच टनकुप्पा की यह स्थिति विकास कार्यों पर सवाल खड़ा कर रही है। स्थानीय लोगों ने शीघ्र सड़क निर्माण कराने की मांग की है।
https://ift.tt/hndATqN
🔗 Source:
Visit Original Article
📰 Curated by:
DNI News Live

Leave a Reply