नालंदा के सरमेरा इलाके में आज दिल्ली और स्थानीय पुलिस-प्रशासन की संयुक्त टीम ने ‘काजल ऑर्केस्ट्रा’ के अड्डे पर छापेमारी की। ऑर्केस्ट्रा की आड़ में फंसी 13 नाबालिग लड़कियों को सकुशल रेस्क्यू कर लिया गया है। मौके से पुलिस ने एक महिला और एक पुरुष संचालक को भी हिरासत में लिया है। जांच में यह बात सामने आई है कि रेस्क्यू की गईं सभी नाबालिग बच्चियां और ऑर्केस्ट्रा संचालक मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले स्थित रॉबर्ट्सगंज के रहने वाले हैं। छापेमारी राष्ट्रीय मानव अधिकार संरक्षण आयोग (नई दिल्ली) के सदस्य प्रियांक कानूनगो और पटना सीआईडी (कमजोर वर्ग) के एडीजी अमित कुमार जैन के विशेष निर्देश पर की गई। अभियान के लिए दिल्ली से विशेष टीम बुलाई गई थी। नालंदा एसपी के गठित इस संयुक्त टीम में दिल्ली के रेस्क्यू फाउंडेशन के इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर अक्षय पांडेय, मिशन मुक्ति फाउंडेशन के निदेशक वीरेंद्र कुमार सिंह और पश्चिम बंगाल के रेस्क्यू एंड रिलीफ फाउंडेशन के सिद्धांत घोष शामिल थे। जिला बाल कल्याण समिति ने भी की पुलिस की मदद स्थानीय स्तर पर जिला बाल कल्याण समिति (CWC) के सदस्य धनंजय कुमार, जिला बाल संरक्षण इकाई (चाइल्ड हेल्पलाइन) के प्रबंधक रंजन कुमार पाठक और प्रयास जुवेनाइल एड सेंटर के अब्दुल मलिक खान, शैलेन्द्र प्रसाद व पूजा पांडेय ने भी अहम भूमिका निभाई। रणनीति के तहत महिला थाना नालंदा, एएचटीयू (AHTU) नालंदा, पुलिस लाइन बल और सरमेरा थाना पुलिस को मिलाकर एक विशेष टीम बनाई गई, जिसने अचानक काजल ऑर्केस्ट्रा के अड्डे पर दबिश दी और बच्चियों को मुक्त कराया। बच्चियों का होगा मेडिकल टेस्ट छापेमारी के बाद रेस्क्यू की गई सभी नाबालिग लड़कियों को महिला पुलिसकर्मियों की सुरक्षित अभिरक्षा में थाने लाया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इन सभी बच्चियों का सबसे पहले मेडिकल (चिकित्सीय) टेस्ट कराया जाएगा और उसके बाद उन्हें बाल कल्याण समिति के सामने प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि उनके सुरक्षित पुनर्वास की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
वहीं, हिरासत में लिए गए ऑर्केस्ट्रा संचालकों के खिलाफ सरमेरा थाने में सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कर आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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