नालंदा में सवर्ण समाज के लोगों ने एकजुट होकर UGC के नए नियमों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इसे काला कानून बताते हुए केंद्र सरकार से वापस लेने की मांग है। मुंह पर काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नया नियम समाज में बंटवारा करने और अराजकता फैलाने वाला है। विरोध-प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे वाल्मीकि कुमार सिंह ने केंद्र सरकार को खुली चुनौती दी है। उन्होंने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि सरकार की वर्तमान नीतियां समाज में जानबूझकर जातीय उन्माद फैलाने का काम कर रही हैं। जिस तरह से इस कथित काले कानून को समाज में लागू करने का प्रयास किया जा रहा है, वह देश में द्वेष की भावना को जन्म देगा और वर्षों से कायम सामाजिक समरसता को पूरी तरह से नष्ट कर देगा। देश में सभी के लिए एक समान कानून लागू होना चाहिए प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दोहरी नीति अपनाने का तीखा प्रहार किया गया। वाल्मीकि कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि एक तरफ सरकार हिंदू राष्ट्र बनाने और सभी भाइयों को एकजुट करने की नसीहत देती है। दूसरी तरफ ऐसे कानून लाती है जो आपसी भाईचारे को मिटाते हैं। इस तरह की नीतियों से हिंदुस्तान में एकता कैसे कायम होगी।अगर भारत एक राष्ट्र है, तो पूरे देश में सभी के लिए एक समान कानून लागू होना चाहिए। एकजुट होकर प्रदर्शन की चेतावनी प्रदर्शनकारियों का कहना था कि देश का वास्तविक विकास और भलाई तभी संभव है जब कानून किसी भी धर्म, जाति या अगड़े-पिछड़े के भेद से मुक्त हो। प्रदर्शन में मौजूद सभी लोगों ने एक सुर में चेतावनी दी है कि अगर भाईचारा मिटाने वाले और जातीय उन्माद फैलाने वाले इन नियमों को वापस नहीं लिया गया, तो समाज एकजुट होकर अपना विरोध और अधिक तेज करेगा।
https://ift.tt/9x3DZAi
🔗 Source:
Visit Original Article
📰 Curated by:
DNI News Live

Leave a Reply