उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाली बहुप्रतीक्षित अगुवानी-सुल्तानगंज फोरलेन गंगा पुल परियोजना को लेकर राज्य सरकार अब कड़े एक्शन मोड में आ गई है। निर्माण की रफ्तार बढ़ाने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शनिवार को प्रत्यय अमृत हेलीकॉप्टर से अगुवानी गंगा घाट पहुंचे और निर्माणाधीन पुल का स्थल निरीक्षण किया। मुख्य सचिव के दौरे के साथ ही स्पष्ट हो गया है कि यह परियोजना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। तीन महीनों में मुख्य सचिव का दूसरा दौरा निरीक्षण के बाद मुख्य सचिव ने जिला प्रशासन, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम और निर्माण एजेंसी एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में परियोजना की प्रगति, तकनीकी चुनौतियों और समय-सीमा पर विस्तार से चर्चा की गई। उल्लेखनीय है कि यह पिछले तीन महीनों में मुख्य सचिव का दूसरा निरीक्षण है, जो इस बात का संकेत है कि सरकार इस परियोजना को लेकर गंभीर और प्रतिबद्ध है। निर्माण एजेंसी को सख्त डेडलाइन मुख्य सचिव ने समीक्षा बैठक में बेहद स्पष्ट शब्दों में कहा, काम में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी।” उन्होंने निर्माण एजेंसी को निम्नलिखित समय-सीमा का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया दिसंबर 2026 तक भागलपुर की ओर 4 किमी, खगड़िया की ओर 16 किमी और फोरलेन एप्रोच रोड किसी भी हाल में पूरा किया जाए। मई 2027 तक गंगा नदी पर बन रहे मुख्य पुल का सुपर स्ट्रक्चर हर हाल में तैयार करना होगा। सरकार की इस सख्त चेतावनी के बाद अब निर्माण एजेंसी पर काम तेज करने का दबाव और बढ़ गया है। डिजाइन मंजूरी के बाद और बढ़ेगी रफ्तार निरीक्षण के बाद खगड़िया के जिला पदाधिकारी नवीन कुमार ने बताया कि पुल के डिजाइन को इसी माह स्वीकृति मिलने की संभावना है। उन्होंने कहा कि, डिजाइन मंजूर होते ही निर्माण कार्य में और तेजी लाई जाएगी। योजना के मुताबिक मई 2026 तक एप्रोच पथ और नवंबर 2027 तक पूरा पुल आम जनता के लिए खोलने का लक्ष्य निर्धारित है। सरकार की प्रतिबद्धता का बड़ा संकेत परबत्ता विधायक बाबूलाल शौर्य ने कहा कि मुख्य सचिव का दो बार निरीक्षण करना इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि राज्य सरकार इस परियोजना को लेकर अत्यंत गंभीर है।
उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार में आधारभूत संरचना को नई गति मिली है। अगुवानी–सुल्तानगंज पुल इस परिवर्तन का बड़ा उदाहरण है। कोसी और अंग क्षेत्र को मिलेगी नई रफ्तार विधायक ने कहा कि पुल बन जाने के बाद अगुवानी (परबत्ता) और सुल्तानगंज के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा। इससे यात्रा समय कम होगा, व्यापार और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
साथ ही कोसी और अंग क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। यह पुल न सिर्फ संपर्क बढ़ाएगा, बल्कि दोनों क्षेत्रों के बीच आर्थिक गतिविधियों को भी नई मजबूती देगा। अगुवानी घाट की स्थिति की भी समीक्षा मुख्य सचिव ने अगुवानी घाट पर सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता, यातायात नियंत्रण और आपदा प्रबंधन की तैयारियों की भी समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार समेत सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि घाट पर आम लोगों की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। जिला प्रशासन ने आश्वस्त किया कि सरकार के निर्देशों के अनुरूप सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे किए जाएंगे।
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