बिहार में मैट्रिक और उत्तर प्रदेश में इंटरमीडिएट की परीक्षाएं चल रही हैं। इसी क्रम में मोतिहारी केंद्रीय कारा में बंद तीन विचाराधीन बंदियों को परीक्षा में शामिल होने की विशेष सुविधा दी गई है। कारा प्रशासन उन्हें न केवल मोतिहारी बल्कि राज्य से बाहर स्थित परीक्षा केंद्रों तक ले जाकर परीक्षा दिला रहा है। जेल अधीक्षक विजय कुमार अरोड़ा ने बताया कि दरपा थाना क्षेत्र के पिपरा गांव निवासी 20 वर्षीय प्रशांत कुमार आर्म्स एक्ट के मामले में जेल में बंद है। उसने माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज से इंटरमीडिएट की परीक्षा का फॉर्म भरा था। उसका परीक्षा केंद्र बाबा सुदामा पांडे कलावती देवी कन्या इंटरमीडिएट कॉलेज, कुशीनगर में निर्धारित है। कारा प्रशासन की देखरेख में उसे मोतिहारी से कुशीनगर ले जाकर परीक्षा दिलाई जा रही है। लूट की घटना में संलिप्त होने का आरोप प्रशांत पर बीते 12 दिसंबर को महुआवा थाना क्षेत्र में एक सीएसपी केंद्र से लूट की घटना में संलिप्त होने का आरोप है। पुलिस ने उसे देशी कट्टा के साथ गिरफ्तार किया था, जिसके बाद से वह न्यायिक हिरासत में है। इसके अलावा, दो अन्य विचाराधीन बंदी परवेज़ देवा और मो. सेराज आलम को भी मैट्रिक परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी गई है। कारा प्रशासन के अनुसार, जब भी प्रशांत को लेकर जेल की पुलिस वैन परीक्षा केंद्र पर पहुंचती है, तो वहां मौजूद छात्र-छात्राओं और लोगों के बीच उसे देखने की उत्सुकता बढ़ जाती है। हथकड़ी और सुरक्षा में तैनात दो सुरक्षाकर्मियों के साथ जब वह परीक्षा केंद्र में प्रवेश करता है, तो कुछ देर के लिए भीड़ जमा हो जाती है। बंदियों को शिक्षा से जोड़कर सुधारने का प्रयास हालांकि, सुरक्षा के कड़े इंतजाम के बीच उसे सीधे परीक्षा कक्ष तक पहुंचाया जाता है। कारा प्रशासन का कहना है कि बंदियों को शिक्षा से जोड़कर उन्हें सुधार की दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि भविष्य में वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें और उनका शैक्षणिक भविष्य प्रभावित न हो।
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