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ब्लैक स्पॉट और भीड़ वाली जगहों पर फुटपाथ व जेब्रा क्रॉसिंग बनेंगे

सड़कों पर बढ़ते वाहनों की वजह से अब आम लोगों को परेशानी नहीं होगी। पैदल चलने वालों के लिए सड़क सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। राज्य के शहरी क्षेत्रों में विशेषकर भीड़-भाड़ वाले स्थानों को चिह्नित कर फुटपाथ बनाया जाएगा। पैदल चलने वाले लोगों की सुविधा के लिए चिह्नित जगहों पर जेब्रा क्रॉसिंग बनेगा। चिह्नित स्थानों पर फुट ओवर ब्रिज/एस्केलेटर और अंडरपास भी बनेगा। ग्रामीण एवं शहरी इलाकों में अधिक सड़क दुर्घटना की संभावना वाली जगहों ब्लैक स्पॉट को चिह्नित कर फुटपाथ का निर्माण होगा। इन जगहों पर सीसीटीवी भी लगाया जाएगा। सभी सरकारी और निजी वाहनों के ड्राइवरों को ट्रेनिंग दी जाएगी। यह निर्देश मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को सोशल मीडिया के माध्यम से परिवहन विभाग को दिए। मुख्यमंत्री ने इन सुविधाओं को जल्द से जल्द लागू करने का निर्देश भी दिया। सात निश्चय-3 के तहत सरकार की पहल बीते वर्ष की अंतिम कैबिनेट बैठक में नई सरकार ने सात निश्चय-3 (2025-2030) में 7 अहम काम करने का निर्णय लिया। उसमें लोगों के जीवन को आसान बनाने के फैसले के तहत 7वें नंबर पर ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ निश्चय तय किया गया है। इसे लेकर कई कदम उठाए जा रहे हैं। बिहार आगे बढ़ रहा है। राज्य में लोगों की आमदनी बढ़ रही है, जिसके कारण राज्य की सड़कों पर दो पहिया-चार पहिया गाड़ियों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। सड़क दुर्घटना के वार्षिक आंकड़े वो सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है पैदल चलने वाले लोगों की सुविधा के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले, मुख्यमंत्री ने घोषणा की वर्ष संख्या 2021 7660 2022 8898 2023 8873 2024 9124 राजधानी पटना में हालात क्या? … पटना की सबसे व्यस्त सड़क नेहरु (बेली रोड) पथ को आर-पार करने में लोगों के पसीने छूट जाते हैं। सबसे महत्वपूर्ण पटना हाई कोर्ट के पास बने फुट ओवर ब्रिज का भी इस्तेमाल नहीं के बराबर है। अटल पथ पर लोगों के पार करने के लिए बुजुर्गों की खातिर लिफ्ट लगाये गये हैं जो बंद पड़े है। फायदा क्या? … दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट) की पहचान और वहां फुटपाथ व अन्य सुधार करने से हादसों में कमी आएगी। फुटपाथ और जेब्रा क्रॉसिंग बनने से पैदल चलने वाले लोग वाहनों की चपेट में आने से बचेंगे। पैदल यात्री फुट ओवर ब्रिज, एस्केलेटर या अंडरपास का उपयोग करेंगे, तो सड़कों पर वाहनों की गति बाधित नहीं होगी। जरूरत क्यों? … बीते 20 वर्षों में राज्य में बड़े पैमाने पर सड़कें बनीं। नेशनल और स्टेट हाइवे के साथ जिलों और गांवों में भी सड़कें बनीं। गांवों में तो 1.19 लाख किलोमीटर सड़कें बन गई हैं। बिहार देश में सर्वाधिक सड़क घनत्व वाली राज्यों में शामिल हो गया है। पर सड़कों के चौड़ीकरण में पैदल चलने वालों का ख्याल नहीं रखा गया है।


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