राज्य में नई सरकार के गठन के बाद लागू किए गए सात निश्चय-3 (2025-30) के तहत अब सड़कों पर पैदल चलने वाले नागरिकों के सम्मान और सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ (Ease of Living) के अंतर्गत सरकार ने पैदल यात्रियों की गरिमा (Dignity of Pedestrians) सुनिश्चित करने के लिए कई ठोस फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि, ‘सड़क पर सुरक्षित और सम्मानपूर्वक चलना हर नागरिक का पहला अधिकार है।’ तेजी से बढ़ रही गाड़ियां बनी चुनौती राज्य में आर्थिक गतिविधियों के विस्तार और आमदनी में वृद्धि के कारण दोपहिया और चारपहिया वाहनों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। इसके साथ ही भीड़भाड़ वाले इलाकों में पैदल चलने वालों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। सरकार का मानना है कि शहरीकरण की इस रफ्तार के बीच पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए आधारभूत ढांचा मजबूत करना बेहद जरूरी है। शहरी क्षेत्रों में फुटपाथ निर्माण का निर्देश परिवहन विभाग को निर्देश दिया गया है कि सड़क सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए राज्य के शहरी क्षेत्रों, खासकर भीड़-भाड़ वाले स्थानों को चिन्हित कर ज्लद फुटपाथ का निर्माण कराया जाए। इसका उद्देश्य पैदल यात्रियों को वाहनों की आवाजाही से अलग सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराना है। जेब्रा क्रॉसिंग और सुरक्षित पार-पथ सरकार ने चिह्नित स्थानों पर जेब्रा क्रॉसिंग बनाने का निर्देश दिया है, ताकि लोग सुरक्षित तरीके से सड़क पार कर सकें। स्कूल, अस्पताल, बाजार और प्रमुख चौराहों को प्राथमिकता दी जाएगी। फुट ओवरब्रिज, एस्केलेटर और अंडरपास की व्यवस्था भीड़भाड़ वाले और उच्च यातायात वाले क्षेत्रों में फुट ओवरब्रिज, एस्केलेटर और अंडरपास बनाने का निर्णय लिया गया है। इससे दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी और पैदल यात्रियों को सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग मिलेगा। गाड़ी चालकों को संवेदनशील बनाने पर जोर सभी सरकारी और निजी वाहन चालकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने का निर्देश दिया गया है, ताकि वे पैदल यात्रियों के अधिकारों और सड़क अनुशासन के प्रति अधिक संवेदनशील बन सकें। सरकार का मानना है कि बुनियादी ढांचे के साथ-साथ व्यवहार में बदलाव भी जरूरी है। ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर विशेष निगरानी ग्रामीण और शहरी इलाकों में अधिक दुर्घटना-प्रवण स्थानों (Black Spot) को चिन्हित कर वहां फुटपाथ निर्माण और सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इन कैमरों के जरिए दुर्घटनाओं का विश्लेषण कर सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे, ताकि सड़क हादसों में कमी लाई जा सके। ‘ईज ऑफ लिविंग’ की दिशा में कदम सरकार का कहना है कि पैदल यात्रियों को सम्मान और सुरक्षा देना सिर्फ यातायात प्रबंधन का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और नागरिक अधिकारों का प्रश्न है। सात निश्चय-3 के इस कदम से उम्मीद जताई जा रही है कि राज्य की सड़कों पर पैदल चलने वालों का दैनिक जीवन अधिक सुरक्षित और आसान होगा।
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