विश्व प्रसिद्ध तीर्थ एवं पर्यटन स्थल राजगीर में आगामी 17 मई से शुरू होने वाले ऐतिहासिक मलमास मेले को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। मेले में देश-विदेश से जुटने वाले लाखों श्रद्धालुओं-पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अनुमंडल और जिला प्रशासन ने यातायात प्रबंधन पर विशेष फोकस किया है। भारी जाम और अव्यवस्थित पार्किंग से निजात दिलाने के लिए इस बार एक व्यापक ट्रैफिक डायवर्जन, सुरक्षा और पार्किंग प्लान तैयार किया जा रहा है, ताकि स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। प्रशासन ने भीड़ को शहर के बाहर ही नियंत्रित करने के उद्देश्य से एक बड़ी पहल की है। पुरातत्व विभाग के अधीन आने वाले अजातशत्रु किला मैदान को अस्थायी पार्किंग स्थल बनाने के लिए विभाग से औपचारिक अनुमति मांगी गई है। इस विशाल मैदान के पार्किंग के रूप में इस्तेमाल होने से पटना और बिहारशरीफ की ओर से आने वाले वाहनों को खड़ा करने में काफी सहूलियत होगी। इससे मुख्य बाजार और धार्मिक स्थलों के आसपास वाहनों का दबाव काफी हद तक घटेगा, जिससे श्रद्धालुओं को पैदल आवागमन में भारी राहत मिलेगी और शहर में जाम की समस्या पर भी प्रभावी अंकुश लग सकेगा।
सीसीटीवी से निगरानी मेला अवधि के लिए एक विशेष ट्रैफिक डायवर्जन प्लान भी अपने अंतिम चरण में है। इसके तहत मेले के दौरान भारी वाहनों के प्रवेश पर आंशिक रूप से प्रतिबंध रहेगा और शहर में वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था लागू की जाएगी। चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और ड्रोन के जरिए भीड़ की सतत निगरानी की जाएगी। इसके अलावा, किसी भी इमरजेंसी से निपटने के लिए एंबुलेंस कॉरिडोर और मेडिकल सहायता केंद्रों के लिए अलग लेन की व्यवस्था की जा रही है। राहगीरों की सुविधा के लिए जगह-जगह दिशा-सूचक बोर्ड लगाए जाएंगे और स्वयंसेवकों की तैनाती भी सुनिश्चित की जाएगी। शहर में वाहनों के भारी दबाव को बांटने के लिए वैकल्पिक मार्गों को भी तेजी से दुरुस्त किया जा रहा है। इसके तहत गिरियक नदी के पास से मोतनाजे गांव होते हुए नारदीगंज फोरलेन तक जाने वाले मार्ग की मरम्मत कराई जा रही है। वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था राजगीर के अनुमंडलाधिकारी (एसडीओ) सूर्य प्रकाश गुप्ता ने बताया कि चूंकि मोतनाजे गांव का क्षेत्र पड़ोसी नवादा जिले के अंतर्गत आता है, इसलिए नवादा के जिलाधिकारी से समन्वय स्थापित कर सड़क का काम शुरू कराया गया है। इस रास्ते के पूरी तरह चालू होने से नवादा, गया और झारखंड की ओर से आने-जाने वाले छोटे-बड़े वाहनों को एक सुगम वैकल्पिक मार्ग मिल जाएगा और राजगीर शहर के भीतर ट्रैफिक का लोड काफी कम हो जाएगा। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए जगह-जगह यात्री शेड और टेंट सिटी का निर्माण कराया जाएगा। प्रशासन की कोशिश है कि भीड़ किसी एक जगह पर केंद्रित न हो, इसलिए इस बार मेला क्षेत्र का विस्तार किया जा रहा है। भीड़ के दबाव को संतुलित करने के लिए खेल-तमाशे, मनोरंजन के साधनों और झूलों को विश्व प्रसिद्ध सोनपुर मेले की तर्ज पर अलग-अलग हिस्सों में फैलाकर लगाया जाएगा। प्रशासन का स्पष्ट मानना है कि इससे भीड़ का संतुलित वितरण होगा और पर्यटकों को मेले का एक सुरक्षित व बेहतर अनुभव मिल सकेगा।
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