नीब करौली बाबा की तपोभूमि कैंची धाम में आने वाले श्रद्धालुओं को अब ध्यान और साधना के लिए समर्पित स्थान मिलेगा। मंदिर परिसर से लगी पर्यटन विभाग की भूमि पर मेडिटेशन सेंटर का निर्माण किया जा रहा है, यहां भक्त शांत वातावरण में बैठकर ध्यान कर सकेंगे और आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त कर पाएंगे। मेडिटेशन सेंटर का निर्माण लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा किया जा रहा है। यह केंद्र करीब 900 वर्ग मीटर क्षेत्र में बनाया जा रहा है और इसे हट (कुटिया) के आकार में विकसित किया जा रहा है, ताकि प्राकृतिक और आध्यात्मिक वातावरण बना रहे। हरियाली और शांत परिवेश के बीच तैयार हो रहे इस केंद्र में एक समय में लगभग 30 श्रद्धालु बैठकर ध्यान कर सकेंगे। इसका डिजाइन इस तरह से तैयार किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को एकाग्रता और शांति का अनुभव मिल सके। श्रद्धालु मंदिर परिसर, पेड़ों के नीचे बैठकर करते हैं ध्यान कैंची धाम में हर साल लाखों श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे भक्तों की होती है, जो मंदिर में ध्यान और साधना करना चाहते हैं। लेकिन अभी तक इसके लिए कोई समर्पित स्थान नहीं है। श्रद्धालु मंदिर परिसर, पेड़ों के नीचे या आसपास के स्थानों पर बैठकर ध्यान करते हैं, जिससे उन्हें व्यवस्थित और शांत वातावरण नहीं मिल पाता। कई बार भीड़ और आवाजाही के कारण ध्यान में भी बाधा आती है। मेडिटेशन सेंटर बनने से मिलेगा शांत-सुरक्षित वातावरण मेडिटेशन सेंटर बनने के बाद श्रद्धालुओं को ध्यान और साधना के लिए अलग और शांत स्थान मिलेगा। इससे भक्त बिना किसी व्यवधान के ध्यान कर सकेंगे और आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त कर पाएंगे। यह केंद्र कैंची धाम को एक प्रमुख स्पिरिचुअल डेस्टिनेशन के रूप में नई पहचान देने में भी मदद करेगा। डिस्पेंसरी, पाथवे और अन्य सुविधाएं भी हो रहीं विकसित कैंची धाम में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए डिस्पेंसरी, पाथवे, हाईटेक शौचालय और पुलिस चौकी का भी निर्माण किया जा रहा है। डिस्पेंसरी बनने से श्रद्धालुओं को अचानक तबीयत खराब होने पर तुरंत प्राथमिक इलाज और दवाओं की सुविधा मिल सकेगी। इससे खासतौर पर दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी। CBDD योजना के तहत 17.59 करोड़ से हो रहा काम केंद्र सरकार की चैलेंज बेस्ड डिवोशनल डेस्टिनेशन (CBDD) योजना के तहत कैंची धाम का समग्र विकास किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत मेडिटेशन सेंटर, डिस्पेंसरी, पाथवे, हाईटेक शौचालय और अन्य सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है। इन कार्यों पर कुल 17.59 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। निर्माण कार्य तेजी से जारी है और इसके पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं को अधिक व्यवस्थित और बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। यह विकास कार्य कैची धाम को विश्वस्तरीय स्पिरिचुअल टूरिज्म सेंटर के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिशासी अभियंता रत्नेश सक्सेना ने कहा, CBDD योजना के तहत कैंची धाम में मेडिटेशन सेंटर और अन्य सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है। इसके पूरा होने से श्रद्धालुओं को ध्यान के लिए समर्पित स्थान और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, जिससे धाम का आध्यात्मिक और पर्यटन महत्व और बढ़ेगा। शिप्रा नदी पर ‘ओम’ आकार का ग्लास ब्रिज बनेगा कैची धाम में श्रद्धालु जल्द ही ‘ओम’ आकार के कांच के पुल से गुजरते हुए बाबा नीब करौली महाराज के दर्शन कर सकेंगे। लोक निर्माण विभाग (PWD) की ओर से शिप्रा नदी पर 36 मीटर लंबा और 2 मीटर चौड़ा ग्लास ब्रिज बनाया जा रहा है। इस पुल का डिजाइन ‘स्टेट ऑफ द आर्ट’ थीम पर तैयार किया गया है, जिसमें एंटी-स्लिप सतह, मजबूत रेलिंग और व्यू-पॉइंट जैसी सुविधाएं होंगी। पुल से गुजरते समय श्रद्धालुओं को नीचे बहती शिप्रा नदी और घाटी का स्पष्ट दृश्य दिखाई देगा, जिससे उन्हें रोमांच और आध्यात्म का अनोखा अनुभव मिलेगा। इस ब्रिज का निर्माण मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत किया जा रहा है और इसे जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। 340 पाइलों वाली मल्टीलेवल पार्किंग का काम भी तेज धाम में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए ₹4081.39 लाख की पुनरीक्षित लागत से कई बड़े कार्य चल रहे हैं। इनमें (G+3) मंजिला मल्टीलेवल कार पार्किंग प्रमुख है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, पार्किंग के लिए सभी 340 पाइलों और 89 कॉलमों का कार्य पूरा हो चुका है। वर्तमान में ग्राउंड फ्लोर स्लैब का काम जारी है। पूरी परियोजना की भौतिक प्रगति लगभग 45 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। 1960 में शिप्रा नदी किनारे स्थापित हुआ था धाम कैंची धाम उत्तराखंड के नैनीताल जिले में भवाली के पास स्थित है। बाबा नीब करौली महाराज ने 1960 के दशक में शिप्रा नदी के किनारे इस आश्रम और हनुमान मंदिर की स्थापना की थी। यह स्थान अपनी आध्यात्मिक शांति और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है। ———————- ये खबर भी पढ़ें : नैनीताल का कैंची धाम बन रहा युवाओं की पहली पसंद: सर्वे के मुताबिक श्रद्धालुओं में 70% सिर्फ युवा; मार्क जुकरबर्ग-विराट कोहली भी टेक चुके माथा उत्तराखंड के नैनीताल में स्थित विश्वविख्यात बाबा नीम करोली महाराज का कैंची धाम एक बार फिर सुर्खियों में है। देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बन चुके इस मंदिर में अब युवाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। (पढ़ें पूरी खबर)
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