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साइबर अपराध के मामले अब हर थाने में दर्ज होंगे:पीड़ितों को मिलेगी तुरंत राहत, थानों में विशेष बेंच और प्रशिक्षण दिया जाएगा
जिले में साइबर ठगी और डिजिटल अपराध के बढ़ते मामलों को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने निर्णय लिया है कि अब हर थाना स्तर पर साइबर अपराध की प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। विवेचना भी स्थानीय स्तर पर शुरू होगी। इससे पीड़ितों को मुख्य साइबर थाना तक दौड़ने की जरूरत नहीं होगी और न्याय पाने में समय कम लगेगा। पहले केवल मुख्य साइबर थाना में ही शिकायत दर्ज होती थी। जिले में प्रतिमाह लगभग 50 से अधिक साइबर अपराध के मामले दर्ज होते हैं, जिनमें ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, सोशल मीडिया फ्रॉड और बैंकिंग धोखाधड़ी शामिल हैं। बढ़ते मामलों ने स्थानीय पुलिस स्टाफ और थानों पर अतिरिक्त दबाव डाल रखा था। नई व्यवस्था और प्रशिक्षण अब प्रत्येक थाने में साइबर मामलों के लिए अलग डेस्क स्थापित की गई है। थानाध्यक्ष, इंस्पेक्टर और उपनिरीक्षक को साइबर अपराध, डिजिटल साक्ष्य जुटाने और तकनीकी जांच के नए तरीकों पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इस कार्यशाला का संचालन दिल्ली से आए साइबर विशेषज्ञ डॉ. रक्षित टंडन ने किया। फायदे और प्रभाव स्थानीय स्तर पर शिकायत दर्ज होने और विवेचना शुरू होने से अपराधियों तक जल्दी पहुंचा जा सकेगा। जटिल मामलों में ही मुख्य साइबर थाना की मदद ली जाएगी। प्रशिक्षित दरोगा और सिपाही की टीमें तैयार की गई हैं। साइबर ठगी के प्रकार बैंकिंग फ्रॉड, ओटीपी और केवाईसी अपडेट के नाम पर ठगी, सोशल मीडिया अकाउंट हैक करना, ऑनलाइन शॉपिंग और नौकरी-लोन के नाम पर धोखाधड़ी, फोटो एडिट, वीडियो कॉल से धमकी और डिजिटल अरेस्ट जैसी नई ठगी आम हैं। नई व्यवस्था से शिकायत तुरंत दर्ज होगी, विवेचना थाने स्तर पर शुरू होगी और रिकवरी प्रक्रिया तेज होगी। पुलिस की अपील एएसपी प्रशांत कुमार प्रसाद ने कहा, “हर थाना स्तर पर ही प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इससे पीड़ितों को तुरंत राहत मिलेगी और साइबर अपराध पर नियंत्रण करना आसान होगा।” पुलिस ने आम जनता से साइबर ठगी के प्रति सतर्क रहने और डिजिटल सुरक्षा अपनाने की भी अपील की।
Sourse: Dainik Bhaskar via DNI News

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