औरंगाबाद में आज कलेक्ट्रेट स्थित योजना भवन के सभा कक्ष में जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की संभावित ‘समृद्धि यात्रा’ के मद्देनजर मीटिंग हुई। जिले में संचालित विभिन्न विकासात्मक और जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य मुख्यमंत्री की प्रस्तावित यात्रा से पहले सभी योजनाओं की अद्यतन स्थिति, भौतिक प्रगति, वित्तीय उपलब्धि और संभावित पूर्णता तिथि का समग्र आकलन कर आवश्यक तैयारियों को सुनिश्चित करना था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की संभावित समृद्धि यात्रा जिले के विकास कार्यों की प्रस्तुति का महत्वपूर्ण अवसर है। सभी योजनाओं की प्रगति अद्यतन, पारदर्शी व प्रभावी रूप से प्रदर्शित होनी चाहिए। निष्पादन की स्थिति की समीक्षा की बैठक के दौरान राजस्व विभाग अंतर्गत दाखिल-खारिज और परिमार्जन प्लस से संबंधित वादों के निष्पादन की स्थिति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने लंबित मामलों के समय-सीमा के भीतर निपटारे पर विशेष बल देते हुए संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करते हुए आमजन को सेवा उपलब्ध कराई जाए। भूमि विवादों के समाधान के लिए अंचल स्तर पर आयोजित बैठकों की प्रगति का भी आकलन किया गया और समन्वय के माध्यम से शेष मामलों के शीघ्र निष्पादन का निर्देश दिया गया। लंबित योजनाओं के निष्पादन का दिया निर्देश सात निश्चय-2 के अंतर्गत ‘हर खेत तक सिंचाई का पानी’, कृषि फीडर निर्माण और मुख्यमंत्री कृषि विद्युत संबंध योजना की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई। जल संसाधन, लघु जल संसाधन, कृषि एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की उपलब्धियों की समीक्षा करते हुए शेष कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना के तहत अधिष्ठापन की वर्तमान स्थिति की समीक्षा कर शेष बचे कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने की अपेक्षा जताई गई। सात निश्चय-3 के अंतर्गत मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना, जाति आधारित गणना में चिन्हित आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को आर्थिक सहायता, औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना, प्रत्येक गांव में दुग्ध उत्पादन समिति गठन, आदर्श विद्यालय एवं डिग्री कॉलेज स्थापना, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों में सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण, ग्रामीण सड़कों के अनुरक्षण, खेल संरचनाओं के विकास व पंचायत स्तर पर स्पोर्ट्स क्लब गठन की प्रगति की भी गहन समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। बियाडा के लिए भूमि अधिग्रहण पर जोर इसके अलंवा औद्योगिक क्षेत्र के लिए भूमि अर्जन, प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय भवन निर्माण, मेडिकल कॉलेज और अस्पताल निर्माण, रिंग रोड, बाईपास, रिवर फ्रंट डेवलपमेंट व ट्रॉमा सेंटर निर्माण जैसी आधारभूत संरचना परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति का भी विस्तारपूर्वक अवलोकन किया गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाएं व गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करें।
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