कंबोडिया के पर्यटकों को बिहार में विशेष सुविधाएं मिलेगी। भारतीय दूतावास कंबोडिया, केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय और बिहार पर्यटन के बीच बौद्ध सर्किट में पर्यटन बढ़ाने को लेकर शुक्रवार को एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कंबोडिया से हुई इस बैठक में सचिव निलेश रामचंद्र देवरे ने कहा कि, बोधगया में केंद्र सरकार के सहयोग से कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है, केसरिया में सभी स्तूपों की प्रतिकृति का निर्माण किया जा रहा है। वैशाली में सम्यक स्तूप का निर्माण किया गया है। पटना में पाटलिपुत्र करुणा स्तूप और विपश्यना केंद्र का निर्माण किया गया है। राजगीर में वेणुवन का सौंदर्यीकरण कराया गया है। भागलपुर में विक्रमशिला विश्वविद्यालय का नए सिरे से निर्माण किया जा रहा है।’ बौद्ध धर्म का सबसे प्रमुख केंद्र है बिहार सचिव देवरे ने रामपुरवा, लौरिया नंदनगढ़, अरेराज, केसरिया, वैशाली, पटना, भागलपुर, जहानाबाद के वाणावर, नालंदा, राजगीर और बोधगया में स्थित बौद्ध धर्म के प्रमुख केंद्रों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि, ‘राज्य सरकार यहां पर्यटकीय सुविधाओं का सतत निर्माण कर रही है। बिहार बौद्ध धर्म का सबसे प्रमुख केंद्र है, जहां भगवान बुद्ध को न केवल ज्ञान की प्राप्ति हुई बल्कि उन्होंने यहां से संपूर्ण विश्व की मानवता को भी आलोकित किया।’ बोधगया में शुरू होगा कंबोडियन रेस्टोरेंट सचिव ने कंबोडिया के पर्यटकों से बिहार में 10 दिनों से लेकर 30 दिनों के भ्रमण योजना के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि, ‘बिहार सरकार का पर्यटन विभाग बोधगया में कंबोडियन रेस्टोरेंट शुरू करने की योजना पर काम कर रहा है। सचिव ने आगे बताया, हम कंबोडिया सरकार द्वारा शुरू की जाने वाली सभी प्रकार की गतिविधियों को पूरी तरह सहयोग देंगे, चाहे वह फैमली ट्रिप यात्राओं का आयोजन हो, मेगा इवेंट्स की योजना या फिर यात्रा-व्यापार मेलों में भागीदारी जैसे कार्य करने की पहल हो। उन्होंने कंबोडिया सरकार के साथ संयुक्त ब्रांडिग की योजना के साथ बिहार को जानों (Know Bihar Program) और अंकोरवाट से बोधगया जैसी पहल शुरू करने की इच्छा व्यक्त की, जिसपर कंबोडिया सरकार के प्रतिनिधियों ने सकारात्मक प्रतिक्रियाएं दी।
https://ift.tt/yIZnB65
🔗 Source:
Visit Original Article
📰 Curated by:
DNI News Live

Leave a Reply