DniNews.Live

Fast. Fresh. Sharp. Relevant News

गौरैया संस्कृति संस्थान में होली गीत कार्यशाला:पारंपरिक गीतों को जीवित रखने की पहल, 11 गीत सिखाए जाएंगे

गौरैया संस्कृति संस्थान ने होली के पारंपरिक गीतों को संरक्षित करने के उद्देश्य से एक होली गीत कार्यशाला का शुभारंभ किया है। यह कार्यशाला अलीगंज स्थित जैक एंड जिल स्कूल में शुरू हुई। संस्था की संस्थापक और वरिष्ठ लोकगायिका रंजना मिश्रा के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण लेना शुरू किया। कार्यशाला की शुरुआत धमार और भगवान शिव की होली ‘बाबा काशी विश्वनाथ गौरा संगे खेलेलें होरी…’ के गायन से हुई। इसके पश्चात प्रतिभागियों को ‘सिर बांधे मुकुट खेलै होरी…’ गीत का अभ्यास कराया गया।रंजना मिश्रा ने बताया कि इस कार्यशाला के दौरान होली पर गाए जाने वाले लगभग 11 पारंपरिक गीत सिखाए जाएंगे। इसका मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी लोकसंस्कृति और परंपराओं से जोड़ना है। इस कार्यशाला में कुल 28 महिलाएं ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से जुड़ी हैं। इनमें अल्पना श्रीवास्तव, रमा सिंह, सुनीता निगम, नीलम तिवारी, लता तिवारी और रीना सिंह जैसे नाम शामिल हैं। सभी प्रतिभागियों में इस पहल को लेकर उत्साह देखा जा रहा है।रंजना मिश्रा ने जोर दिया कि इस तरह की पहल हमारी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने यह भी बताया कि जो लोग होली गीत सीखने के इच्छुक हैं, वे संस्थान से संपर्क करके इस कार्यशाला से जुड़ सकते हैं।


https://ift.tt/iRgESYF

🔗 Source:

Visit Original Article

📰 Curated by:

DNI News Live

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *