चंदौली जिले में सरकारी धान क्रय केंद्र बंद होने से भारतीय किसान यूनियन (भाकियू टिकैत) के सदस्यों ने नाराजगी व्यक्त की है। शनिवार को संगठन के सदस्य जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग से मुलाकात करने कलेक्ट्रेट पहुंचे, लेकिन जिलाधिकारी मौके पर अनुपस्थित रहे। जिलाधिकारी से मुलाकात न होने पर किसानों ने कलेक्ट्रेट में तैनात कर्मचारियों को अपना ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग की कि उनकी समस्याओं को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाया जाए। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे। भाकियू (टिकैत) के मंडल प्रवक्ता मणिदेव चतुर्वेदी ने बताया कि मोथा तूफान और बारिश के कारण निचले इलाकों के लगभग दस प्रतिशत किसानों का धान अभी तक नहीं बिक पाया है। कई किसानों की धान की तौल हो चुकी है, लेकिन अंगूठा नहीं लग पाया है। कुछ किसानों का धान अभी भी क्रय केंद्रों पर पड़ा है, जबकि कुछ की धान खरीद की प्रक्रिया लंबित है। जिलाध्यक्ष सतीश सिंह चौहान ने जिले के किसानों से अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि 8 फरवरी तक सभी क्रय केंद्र दोबारा शुरू नहीं हुए, तो 9 फरवरी को वे सभी किसान, जिनका धान नहीं बिका है या अंगूठा नहीं लग पाया है, जिलाधिकारी कार्यालय चंदौली की ओर कूच करेंगे। चौहान ने आगे कहा कि इसके बाद किसानों के धान बेचने और अंगूठा लगाने का काम जिलाधिकारी कार्यालय पर ही होगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। इस दौरान कन्हैया मौर्या, जीउत, कृष्णानंद और उदयनारायण सहित कई किसान मौजूद रहे।
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