गोरखपुर में शनिवार को जिला पंचायत बोर्ड की बैठक संपन्न हुई। जल जीवन मिशन के मामले में महोबा में भाजपा विधायक ने जलशक्ति मंत्री को घेरा था। उसका असर यहां भी नजर आया। भाजपा हो या सपा, अधिकतर जिला पंचायत सदस्य जल निगम ग्रामीण की कार्यशैली से नजर आए। गांवों में चल रहे जल जीवन मिशन के काम की धीमी प्रगति पर सवाल खड़े किए। एक्सईएन ने पहले बजट की कमी का हवाला दिया। लेकिन थोड़ी ही देर में साफ हो गया कि बजट की कमी नहीं है। इस पर भाजपा के जिला पंचायत सदस्यों ने सरकार को बदनाम करने का आरोप लगाते हुए खरी-खोटी सुनाई। बैठक में भाजपा के जिला पंचायत सदस्य मनोज शुक्ला, सुधा सिंह ने पाइप लाइन बिछाने के बाद सड़कों को दुरुस्त न कराने, जगह-जगह पानी का रिसाव होने, पानी की सप्लाई न होने का मामला उठाया। पहले तो जल निगम के एक्सईएन ने कहा कि धन के अभाव में कई काम पेंडिंग हैं। लेकिन जब सदस्य ने कहा कि धन का कोई अभाव नहीं है तो एक्सईएन ने यह बात स्वीकार कर ली कि कुछ दिन पहले पैसा आया है। इसपर कैंपियरगंज के विधायक फतेहबहादुर सिंह ने भी एक्सईएन पर नाराजगी जताई। बैठक की शुरुआत में नाराज हो गए सदस्य जिला पंचायत अध्यक्ष साधना सिंह की अध्यक्षता में बैठक निर्धारित समय से लगभग एक घंटे बाद शुरू हुई। सदस्य शुरू में ही नाराज हो गए क्योंकि बैठक में मुख्य विकास अधिकारी उपस्थित नहीं थे। जब उन्होंने नाराजगी जताई तो बताया गया कि वह अवकाश पर हैं। सदस्यों से कहा गया कि जिला विकास अधिकारी को वहां पहुंचना था लेकिन वह कैंपियरगंज संपूर्ण समाधान दिवस में चले गए हैं। इस पर सदस्यों ने कहा कि जब जिला पंचायत बोर्ड बैठक की सूचना पहले से तय थी तो वह संपूर्ण समाधान में क्यों गए। वह आयोजन तो नियमित रूप से होता रहता है। सदस्यों की नाराजगी के बाद बैठक में डीसी मनरेगा को बुलाया गया। बिजली निगम के प्रति भी दिखी नाराजगी
बैठक में सदस्यों ने बिजली निगम को लेकर भी नाराजगी जताई। जर्जर खंभे, तार को लेकर मामला उठाया गया। सदस्यों ने कहा कि जर्जर तार के कारण आपूर्ति में भी समस्या होती है। इसर बिजली निगम के अधिकारी ने कहा कि कार्यों को दुरुस्त किया जा रहा है। पीडब्ल्यूडी के कार्य से सदस्यों ने संतुष्टि जताई है। पिछली बैठक में जो समस्या उठाई गई थी, उनमें से अधिकतर पर कार्य शुरू हो चुका है। स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टरों की अनुपस्थिति का मुद्दा उठा
स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टरों की अनुपस्थिति का मुद्दा उठाया गया। ब्रह्मपुर ब्लाक के सुनील गऊप्ता ने बरही स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टरों के न रहने का मामला उठाया। मनोज शक्ला ने कहा कि भिटहा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण 7 साल पहले हुआ था। लेकिन पूरा भवन जर्जर हो चुका है। इसपर कार्रवाई नहीं हो रही है। सीएमओ ने कहा कि डॉक्टरों के न आने की समस्या को दूर कराया जाएगा। भिटहा स्वास्थ्य केंद्र के मामले में उन्होंने कहा कि जांच कराई जाएगी। इस पर सदस्य ने कहा कि उन्हें 3 दिन में प्रगति रिपोर्ट से अवगत कराया जाए।
बैठक में विधायक फतेह बहादुर सिंह, जिला पंचायत सदस्य मायाशंकर शुक्ला आदि उपस्थित रहे। कार्यकाल को लेकर लगे ठहाके
बैठक में एक सदस्य ने पांच साल के सफल कार्यकाल पर जिला पंचायत अध्यक्ष को बधाई दी। इसी बीच दूसरे सदस्य ने कहा कि अभी आप आखिरी बैठक नहीं कह सकते। हो सकता है आगे और बैठक हो। इसपर जिला पंचायत अध्यक्ष के पति विधायक फतेहबहादुर सिंह ने हंसी-हंसी में उनकी बातों से सहमति जताई। इसके बाद सदस्यों में चर्चा है कि चुनाव टल भी सकता है।
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