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पत्नी के कहने पर 9 साल के भतीजे की हत्या:बोली- उसकी मां मुझे संतान न होने का ताना देती है, बेटे को मार डालो, ईंट से सिर कूचा, नदी में बहाया शव

‘मेरी जेठानी मुझे संतान न होने का ताना देती है। इसके इकलौते बेटे को मारकर उसे संतान न होने का दर्द बता दो…। ये बात बलिया में एक महिला ने अपने पति से कही। इसके बाद पति ने अपने 9 साल के मासूम भतीजे की ईंट से सिर कूचकर हत्या कर दी। मारने के बाद दोनों ने उसकी लाश को सरयू नदी में फेंक दिया। वारदात 25 जनवरी की है। बच्चे की लाश 6 दिन बाद 31 जनवरी को नदी में मिली तो हत्या का पता चला। पुलिस ने मामले जांच के बाद बच्चे के चाचा और चाची को गिरफ्तार कर आज मामले का खुलासा कर दिया है। पूरा मामला थाना सहतवार क्षेत्र के सिंगही गांव का है। 25 जनवरी को बच्चे के लापता होने के बाद परिजन लगातार उसे खोजते रहे। 31 जनवरी, शनिवार की शाम सरयू नदी में शव उतराने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। शव की पहचान चंदन प्रजापति के बेटे अभिषेक के रूप में की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हुई तब जाकर जांच शुरू हुई। पहले देखें 2 तस्वीरें… अब पढ़ें आरोपियों का कुबूलनामा एएसपी दिनेश कुमार शुक्ल ने बताया गणेश और उसकी पत्नी ने इस हत्या की साजिश 23 जनवरी को ही रच ली थी। दोनों सही मौके की तलाश में थे। 24 जनवरी को भी प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली। आखिरकार 25 जनवरी को उन्हें मौका मिला, जब अभिषेक स्कूल से घर लौटा। योजना के तहत गणेश ने पड़ोस के एक बच्चे को पतंग और टॉफी दिलाने का लालच देकर अभिषेक को बुलवाया। जैसे ही अभिषेक आया, गणेश दोनों बच्चों को पतंग और टॉफी खरीदने के बहाने सरयू नदी की ओर ले चला। नदी से करीब 200 मीटर पहले उसने पड़ोसी बच्चे को वहीं रुकने को कहा और अभिषेक को अकेले नदी किनारे ले गया। नदी किनारे ईंट से सिर कूचकर मारा सरयू नदी के किनारे पहुंचते ही गणेश ने अभिषेक के सिर पर ईंट से तीन-चार ताबड़तोड़ वार किए। मासूम ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हत्या के बाद गणेश ने शव को सरयू नदी में फेंक दिया और फिर इत्मीनान से टहलता हुआ घर लौट आया, जैसे कुछ हुआ ही न हो। हत्या के बाद भी रचा गया नाटक इतना ही नहीं, गणेश ने खुद को बचाने के लिए शातिर चाल चली। अभिषेक के गायब होने पर वह भी खोजने का नाटक करता रहा। देर शाम सहतवार थाने पहुंचकर उसने खुद गुमशुदगी/अपहरण की तहरीर दे दी। पुलिस ने
पुलिस जांच में हत्या की वजह भी सामने आई है। अभिषेक की मां आशा देवी और उसकी छोटी चाची अमृता के बीच घरेलू विवाद चलता रहता था। आशा ने कथित तौर पर अमृता को नि:संतान होने का ताना दे दिया था। उसकी शादी के साढ़े 3 साल बाद भी उसकी कोई संतान नहीं हुई थी। यह बात अमृता के दिल में घर कर गई। उसने पति गणेश से कहा-अगर आशा हमें ताने मारती है, तो उसे भी पुत्र विहीन कर दो। यहीं से हत्या की साजिश ने जन्म लिया। 6 दिन बाद सरयू नदी से मिला शव शव मिलने के बाद गुस्साए परिजनों ने थाने का घेराव कर दिया। उनका आरोप था कि अगर पुलिस समय रहते गंभीरता से तलाश करती तो अभिषेक की जान बच सकती थी। गांव में घटना को लेकर गहरा आक्रोश और मातम का माहौल है। पिता का दर्द, गांव में मातम
मृतक के पिता चंदन प्रजापति ने बताया कि 25 जनवरी को अभिषेक घर से डेरे की ओर जाने की बात कहकर निकला था, लेकिन फिर कभी वापस नहीं आया। मेरा एक ही बेटा था, इसके अलावा तीन बेटियां हैं। अब बेटे की हत्या की सच्चाई सामने आने के बाद परिवार पूरी तरह टूट चुका है। पुलिस जांच जारी, आरोपी शिकंजे में
पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए चाचा गणेश और उसकी पत्नी की भूमिका उजागर की है। दोनों से पूछताछ जारी है। पुलिस का दावा है कि पूरे घटनाक्रम के साक्ष्य जुटा लिए गए हैं और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ——————————- ये खबर भी पढ़िए- मथुरा में एक्सप्रेस-वे पर 6 की मौत, कंटेनर ने रौंदा:बस से उतरकर सड़क किनारे खड़े थे मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर स्लीपर बस से उतरकर खड़े यात्रियों को तेज रफ्तार कंटेनर ने रौंद दिया। हादसे में 6 की मौके पर मौत हो गई। एक गंभीर घायल है। घटना शनिवार तड़के 2.45 बजे की है। बस दिल्ली के नागलोई से कानपुर देहात के रसूलाबाद जा रही थी। पूरी खबर पढ़िए


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