बस्ती में शनिवार को अधिवक्ताओं ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के प्रस्तावित नए नियमों के समर्थन में कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। उन्होंने यूजीसी बिल–2026 को शीघ्र लागू करने की मांग की। प्रदर्शन के बाद, अधिवक्ताओं ने राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा। आज्ञाराम यादव, प्रदीप यादव, संदीप गोयल, बुद्धि प्रकाश, सत्येंद्र यादव और रवि यादव जैसे अधिवक्ताओं के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में, वक्ताओं ने कहा कि यूजीसी के नए नियम उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। महिपाल पटेल, मयंक चौरसिया और राम प्रसाद चौरसिया एडवोकेट ने बताया कि इन नियमों से शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी, शिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता में सुधार होगा और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्वार्थी तत्व इन सुधारात्मक प्रयासों का विरोध कर रहे हैं, जिससे शिक्षा प्रणाली को नुकसान हो सकता है। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने यूजीसी बिल–2026 को जल्द लागू नहीं किया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। एडवोकेट भालचंद्र यादव, विजय चौधरी, देवेंद्र कुमार और आलोक प्रसाद ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन केवल अधिवक्ताओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें शिक्षाविदों और समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी। प्रदर्शन के दौरान यूजीसी के समर्थन में नारे लगाए गए और सरकार से शीघ्र निर्णय लेने की अपील की गई। वक्ताओं ने जोर दिया कि शिक्षा राष्ट्र की रीढ़ है और इसमें सुधार के लिए उठाए गए सकारात्मक कदमों का समर्थन किया जाना चाहिए। इस अवसर पर मुकेश कुमार प्रजापति, रवि चंद्र यादव, ईश्वर लाल चौधरी सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद थे।
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